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गोरखपुर में विकास की खुशी अधूरी: नकहा-बरगदवा ओवरब्रिज पर फर्राटे का था इंतजार, मिला जाम और धूल का गुबार

Fri, 17 Mar 2023 04:08 PM IST
vivek shukla नीरज मिश्र, गोरखपुर।
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नकहा-बरगदवा ओवरब्रिज - फोटो : अमर उजाला।
नकहा-बरगदवा ओवरब्रिज के कार्य की धीमी गति इस इलाके के रहने वाले और वहां से रोजाना गुजरने वाले हजारों लोगों के लिए जी का जंजाल बन गई है। निर्माण कार्य से उठ रहा धूल का गुबार लोगों को शारीरिक और मानसिक दर्द दे रहा है। इन खतरों के बीच जाम के चलते ट्रक और छोटी गाड़ियों का पहिये कब थम जाएं, यह भी किसी को पता नहीं।

14 माह में ओवरब्रिज का केवल 40 फीसदी कम हुआ है। हालांकि, निर्माण कार्य कर रही संस्था सेतु निगम का दावा है कि दिसंबर 2023 में निर्माण पूरा हो जाएगा, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्य की रफ्तार को देखते हुए इस दावे को हकीकत में बदल पाना मुश्किल है।

जाम से निजात के लिए जनवरी 2022 में नकहा-बरगदवा ओवरब्रिज के निर्माण का रास्ता साफ हुआ। सेतु निगम को इस ओवरब्रिज के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई। शुरुआती दौर में निगम ने तेजी से काम किया और खाद कारखाने की तरफ जाने वाले रास्ते पर आठ माह के अंदर 12 पिलर खड़े कर दिए।


 
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नकहा-बरगदवा ओवरब्रिज। - फोटो : अमर उजाला।
इससे लोग भी उत्साहित हो गए। लगा जल्द ही समस्याओं से निजात मिल जाएगी। लेकिन, ऐसा नहीं हो सका। नकहा की तरफ तो पिलर के कुछ हिस्से पर ओवरब्रिज की ढलाई कर दी गई है, लेकिन बरदगवा, विकास नगर की तरफ अभी पिलर के लिए कहीं गड्ढे तक नहीं खोदे गए हैं। वहीं, भगवानपुर खास जाने वाले मार्ग पर छह आधे-अधूरे पिलर छोड़ दिए गए हैं।

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यहां अगर कोई एक मिनट खड़ा हो जाए तो धूल से नहा लेगा। भगवानपुर के खास के रहने वाले सौरभ बताते हैं कि जब से काम शुरू हुआ, आज तक पानी का छिड़काव नहीं हुआ। गाड़िया जब जाती है धूल का गुबार ऐसा उठता है जैसे बवंडर आ गया हो। जाने समस्या से निजात कब मिलेगी।
 
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सबसे ज्यादा ट्रकों की आवाजाही इसी रास्ते

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नकहा-बरगदवा ओवरब्रिज। - फोटो : अमर उजाला।
नकहा स्टेशन पर रेलवे के माल गोदाम के कारण नकहा-बरगदवा मार्ग पर ट्रकों की आवाजाही सबसे ज्यादा है। खाद कारखाना, एफसीआई गोदाम के अलावा कई अन्य छोटे उद्योग भी हैं। इसके अलावा सोनौली की तरफ आने वाले वाहन, चार फाटक होकर बनारस जाने वाले वाहन भी इसी रास्ते आते-जाते हैं।

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दिन में 20 से 25 बार बंद होती है क्रॉसिंग

नकहा-बरगदवा ओवरब्रिज पर रेलवे क्रॉसिंग है। यह दिन में 20 से 25 बार बंद होती है। एक बार क्रॉसिंग बंद होने पर 20 से 25 मिनट का तक जाम लगना सामान्य है। बरगदवां से विकास नगर और भगवानपुर खास तक ट्रकों की लंबी लाइन कई बार घंटों जाम का कारण बनती है।

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नकहा-बरगदवा ओवरब्रिज। - फोटो : अमर उजाला।
आठ से 10 किलोमीटर अतरिक्त दूरी तय करके पहुंचते हैं बीआरडी और खाद कारखाना
जाम और धूल से बचने के लिए लोग आठ से 10 किलोमीटर की अतरिक्त दूरी तय करके बीआरडी मेडिकल कॉलेज और खाद कारखाना जा रहे हैं। लोग 10 नंबर बोरिंग से होते हुए नकहा ओवर ब्रिज के रास्ते स्पोर्ट्स कॉलेज, करीम नगर होते हुए बीआरडी और खाद कारखाना पहुंच रहे हैं।

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बिजली के पोल बन रहे निर्माण कार्य में बाधा
नकहा नंबर दो के भगवनापुर खास की तरफ बनने वाले पिलर निर्माण में 11 से अधिक बिजली के पोल बाधा बन रहे हैं। इसी तरह बरगदवा के विकास नगर की तरफ लगे नौ पोल काम शुरू नहीं करने दे रहे हैं। इन बिजली के पोल की वजह से लोगों को आने-जाने में भी परेशानी हो रही है।
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नकहा-बरगदवा ओवरब्रिज। - फोटो : अमर उजाला।
इन इलाकों के हजारों लोग प्रभावित
घोसीपुरवा, बसंती, भगवानपुर, कोइलहवा, नकहा नंबर दो के भगवानपुर खास, विकास नगर, शक्तिनगर, अशोक नगर इलाके के हजारों लोग हर दिन जाम और धूल की समस्या से प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा इस रास्ते से रोजाना आने वाले हजारों लोगों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

विकास नगर की तरफ के निर्माण में मुआवजे का पेच
बरगदवा के विकास नगर की तरफ से मुआवजे के पेच ने ओवरब्रिज के निर्माण की राह रोक रखी है। सेतु निगम के चीफ प्रोजेक्ट ऑफिसर अशोक कुमार सिंह ने बताया कि विकास नगर में 84 लोगों के मुआवजे की अड़चन है। इसकी वजह से इस तरफ पिलर का निर्माण नहीं हो पा रहा है। जबकि, दूसरी तरफ नकहा की ओर 40 फीसदी काम पूरा हो चुका है।

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धूल इतनी उड़ती है कि जीना मुहाल
पहले तेजी से काम हो रहा था, फिर अचानक काम बंद हो गया। अब फिर से शुरू हुआ है, लेकिन काम की रफ्तार इतनी धीमी है कि तय समय सीमा के अंदर पूरा होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। इस काम ने हम लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। धूल इतनी उड़ती है कि जीना मुहाल हो गया है। -मनीष, कोइलहवा।
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फोरलेन। - फोटो : अमर उजाला।
धूल भरे गड्ढे में गिरकर चुटहिल हो रहे लोग
इस रास्ते दिन में तीन से चार बार आता हूं। हर बार जाम की समस्या में फंसता हूं। 14 महीने से काम चल रहा है, लेकिन काम के दौरान लोगों की सुविधाओं का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। रात में कोई भी लाइट नहीं जलती है। इसकी वजह से कई बार मोटरसाइकिल सवार धूल भरे गड्ढे में गिर जाते हैं। -संदीप कुमार, नकहा नंबर-दो।

सैकड़ों गाड़ियां फंस चुकीं
जब से काम शुरू हुआ है कि सैकड़ों गाड़ियां फंस चुकी हैं। इसके बाद भी गड्ढों को भरा नहीं गया। कई बार अनुरोध किया गया कि जब तक काम हो रहा है तब तक पानी का छिड़काव करा दिया जाए, जिससे स्थानीय लोगों को धूल से निजात मिल सके, लेकिन आज तक पानी का छिड़काव नहीं किया गया। -विश्वनाथ पांडेय, अशोक नगर।

सेतु निगम चीफ प्रोजेक्ट ऑफिसर अशोक कुमार सिंह ने कहा कि ओवरब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। नकहा की तरफ पिलर ढलाई काम हो रहा है। बरगदवा की तरफ काम नहीं शुरू हो पाया है। जल्द ही मुआवजे के मामले का निस्तारण करा कर काम शुरू कराया जाएगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर लोगों से वार्ता की जा रही है। उम्मीद है कि काम करने का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उसमें ओवरब्रिज का निर्माण पूरा करा दिया जाए।

फैक्ट फाइल
ओवरब्रिज की लंबाई- 1021.75 मीटर
लागत-76 करोड़ 27 लाख
काम शुरू हुआ- जनवरी 2022
काम पूरा करने की अवधि- दिसंबर 2023
विभाग का दावा काम पूरा- 40 फीसदी



 
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