देवरिया पुलिस की जांच में पता चला है कि अशोक सिर्फ सर्जिकल वार्ड में 25 सितंबर को बेड सीट लपेटा था, वह अंडरवियर नहीं पहना था, मगर पानी की टंकी के पास जहां उसकी शर्ट और बेड सीट मिली, वहां पर एक अंडवियर और दोनों पैर के मोजे मिले थे।
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देवरिया पानी के टंकी में मिला शव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में छह अक्तूबर को पानी की टंकी में मिली लाश के मामले में नया मोड़ आ गया है। महाराष्ट्र के रहने वाले अशोक (61) की हत्या की गई थी। हत्या करने के बाद शव को पानी की टंकी में फेंका गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हुई है कि पानी की टंकी में डाले जाने से पहले अशोक की सांसें धम चुकीं थीं क्योंकि फेफड़े में पानी नहीं गया था।
इसके अलावा शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। इस तरह कई सुराग हत्या की तरफ इशारा कर रहे हैं और पुलिस के शक की सुई मेडिकल कॉलेज की ओपीडी बिल्डिंग पर टिकी है। पुलिस अब कातिलों को बेनकाब करने में जुटी है। शातिराना ढंग से वारदात को अंजाम देने से गुत्थी सुलझाने में वक्त लग रहा है। सोमवार को भी कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम मेडिकल कॉलेज में जमी रही।
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एंबुलेंश में बैठा अशोक और पानी की टंकी जिसमें मिली थी उसकी लाश
- फोटो : अमर उजाला
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कुलगांव इलाके के विश्व कॉम्प्लेक्स चंद्रोदय के सामने रहने वाले अशोक गवांडे का शव छह अक्तूबर को मेडिकल कॉलेज भवन के छत पर बनी पानी की टंग में मिली थी। टंकी के बाहर उसका नीले रंग की शर्ट और मेडिकल कॉलेज की चादर को पुलिस ने बरामद किया था।
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डीएम दिव्या मित्तल ने किया निरीक्षण और लिया जायजा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस की जांच में पता चला है कि अशोक सिर्फ सर्जिकल वार्ड में 25 सितंबर को बेड सीट लपेटा था, वह अंडरवियर नहीं पहना था, मगर पानी की टंकी के पास जहां उसकी शर्ट और बेड सीट मिली, वहां पर एक अंडवियर और दोनों पैर के मोजे मिले थे। 27 सितंबर की रात जिस स्टाफ नर्स और वार्ड बॉय की ड्यूटी थी, वह रात 12 बजे के बाद सो गए थे।
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जांच करने पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी बीच बेड संख्या 41 पर भर्ती अशोक गायब हो गया, उस दिन वार्ड में भर्ती मरीजों के बीएचटी पर दर्ज मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस ने संपर्क किया है, मगर सभी का एक ही जवाब मिला कि साहब रात होने के कारण नींद आ गई थी। पुलिस भी पूरे घटनाक्रम को लेकर हैरान है। पुलिस की जांच का केंद्र बिंदु मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ परिवार से जुड़ा विवाद भी सामने आया है।
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पीएम हाउस के बाहर खड़े परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चार और दो रास्तों में उलझी पुलिस
मेडिकल कॉलेज के पांच मंजिल भवन में सिर्फ ग्राउंड फ्लोर पर कैमरा लगे हैं। एक कैमरा मुख्य द्वार पर घुसते समय बाईं ओर लगा है। पंजीकरण हॉल में घुसने पर दाईं ओर कोने में एक कैमरा लगा है। इसकी दिशा ऊपर कर दी गई है। इससे अगर कोई बगल के दरवाजे से अंदर सीधे हॉल में घुसता है तो वह दिखाई नहीं देगा। वह लिफ्ट से सीधे ऊपर चला जाए तो कहीं नजर नहीं आएगा।
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देवरियां के मेडिकल कॉलेज पानी टंकी मृतक की गोरखपुर में ससुराल
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हड्डी रोग, जनरल सर्जरी और मेडिसिन की ओपीडी हॉल में एक-एक कैमरे लगे हैं। इसके बाद किसी भी फ्लोर पर कैमरा नहीं है। ग्राउंड फ्लोर से चौथे फ्लोर तक जाने के लिए चार रास्ते हैं, मगर चौथे फ्लोर से छत पर जाने के लिए सिर्फ दो रास्ते हैं। यदि अशोक को वार्ड या वार्ड के बाहर ले जाकर हत्या की गई होती तो वह चीखता जरूर और पूरे बिल्डिंग में उसकी आवाज गूंजती, मगर शातिराना अंदाज में वारदात को अंजाम देने से पुलिस भी चकरा गई है।
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इसी पानी की टंकी में मिली थी लाश
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शांतिपाठ के बाद बयान दर्ज कराने देवरिया के कोतवाली थाने जाएंगी तनु
देवरिया मेडिकल कॉलेज में हुए अशोक गवांडे की मौत के मामले में उनकी पत्नी तनु उर्फ अनिता ने पुलिस से जांच में सहयोग की बात कही है। हुमायुंपुर दक्षिणी में मायके में रह रहीं तनु का का कहना है कि शांतिपाठ खत्म होने के बाद वह देवरिया कोतवाली में अपना बयान दर्ज कराएगी। पति की मौत की असल वजह वह जानना चाहती हैं। इधर, देवरिया के कोतवाली पुलिस ने भी अपनी जांच तेज कर दी है।
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अशोक एंबुलेंस में बैठकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे, रजिस्टर में दर्ज थी सूचना
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सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र के कुलगांव थाणे निवासी अशोक गवांडे की मौत की जांच में जुटी देवरिया पुलिस ने गोरखपुर पुलिस से संपर्क किया है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि अशोक किस ई-रिक्शा से गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। चालक उन्हें कहां छोड़ा। इसके बाद वह किसके साथ बैतालपुर पहुंचे। ई-रिक्शा चालक के बयानों और घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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इसी चद्दर में लिपटा था अशोक का शव
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साथ ही पुलिस बैतालपुर से देवरिया मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने वाले से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस का मानना है कि ई-रिक्शा चालक के बयान से कई अहम कड़ियां जुड़ सकती हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतक को ससुराल से स्टेशन पहुंचाने वाले और मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने वाला पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरों में कैद हो सकता है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि घटना कैसे घटी और अस्पताल पहुंचने से पहले अशोक की हालत क्या थी।
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मेडिकल कॉलेज के रिकार्ड में भी मौजूदगी थी
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अशोक के घायल होने की मिल जाती सूचना तो समय से हो जाता इलाज
अशोक के साले प्रफुल्ल के मित्रों का कहना था कि घायल अशोक को पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। मौत के बाद पुलिस की एक टीम मुंबई और दूसरी उनके घर पहुंची थी। सही समय पर पुलिस सूचना दे देती तो अशोक की जान बचाई जा सकती है। अशोक के ससुरालियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। तनु ने कहा कि अशोक की मौत ने परिवार को झकझोर दिया है, लेकिन अब वे न्याय मिलने तक चुप नहीं बैठेंगी। पुलिस को हर जरूरी जानकारी दूंगी, ताकि सच्चाई सामने आए।
एंबुलेंस में बैठे अशोक की फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्या की पुष्टि हो गई है। इसमें शामिल लोगों की पहचान के लिए पुलिस साक्ष्य जुटा रही है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन से सीसीटीवी कैमरे का फुटेज मांगा गया है। इसके अलावा जो जानकारी मिली है, उस आधार पर अशोक के करीबियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।-संजय रेड्डी, सीओ सिटी