गोरखपुर में कोरोना के मरीजों के लिए वैक्सीन रामबाण है। पांच हजार से ज्यादा संक्रमितों ने होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना को मात दी है। इनमें से 99 प्रतिशत मरीजों ने कोरोना की वैक्सीन लगवाई थी। इसका परिणाम यह हुआ कि पहली और दूसरी लहर की तुलना में इस बार रिकवरी दर 83.17 प्रतिशत है, जबकि दोनों लहरों में रिकवरी दर 60 से 65 प्रतिशत के बीच थी।
कोरोना की तीसरी लहर में आईसीएमआर ने कोरोना प्रोटोकाल में बदलाव कर दिया है। प्रोटोकाल के हिसाब से जिन मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो रही है, उस दिन से सात दिन बाद उसे कोरोना मुक्त मान लिया जाता है। दूसरी लहर में यह प्रोटोकाल 10 दिन का था।