पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ सुहागिनों ने बृहस्पतिवार को करवा चौथ का व्रत रखा। रात में हल्की बारिश और बादलों के कारण चंद्रमा के दर्शन नहीं हुए। ऐसे में सुहागिनों का विश्वास अटूट रहा। महिलाओं ने शुभ मुहूर्त में अर्घ्य देकर पूजा-अर्चना की और व्रत पूरा किया।
देर शाम सोलह शृंगार कर सजीं महिलाएं पूजा की थाली लेकर चंद्रमा के निकलने का इंतजार करती रहीं। चंद्रोदय का निर्धारित समय रात 7:57 बजे था, लेकिन मौसम खराब होने के कारण चांद नजर नहीं आया। रात में हल्की बारिश होने से महिलाओं को चंद्रमा के दर्शन के लिए इंतजार करना पड़ा। इसके बाद महिलाओं ने परंपरा और मान्यताओं के अनुसार पूजा-अर्चना कर पति की दीर्घायु की कामना की। कई महिलाओं ने चंद्रमा के प्रतीकात्मक दर्शन कर व्रत पूरा किया।
चंद्रमा के दर्शन नहीं होने के बावजूद महिलाओं ने चलनी, दीपक, करवा और पूजा सामग्री के साथ विधि-विधान से पूजन किया। पति की आरती उतारकर उनके हाथों जल ग्रहण कर निर्जला व्रत खोला। इस दौरान पतियों ने भी अपनी जीवनसंगिनी को उपहार देकर प्रेम और साथ निभाने का अहसास कराया।