Mauni Amavasya
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वहीं गोरखपुर में श्रद्धालुओं ने राप्ती नदी सहित आसपास के पवित्र सरोवरों में आस्था की डुबकी लगाई और दान-पुण्य किया। महिलाओं ने गंगा मइया के नाम से कड़ाही भी चढ़ाई। श्रद्धालुओं ने सत्यनारायण व्रत की कथा सुनी और गाय की बछिया का दानकर मंगल कामना की। ब्रह्म मुहूर्त में ही श्रद्धालु राप्ती नदी के राजघाट तट पर पहुंचने लगे।