11 नवंबर को होगा गृह प्रवेश।
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चतुर्वेदी बताते हैं कि दिलीप मिश्र का मकान खुद की रकम से बनवाने की ठान ली। मकान निर्माण में तीन महीने का वक्त लगा और करीब छह लाख रुपये खर्च हुए। दो कमरा, रसोईघर, स्नानघर, बरामदा और शौचालय का निर्माण कराया गया है। 11 नवंबर को पूजा-पाठ के साथ गृहप्रवेश का कार्यक्रम है। उसके बाद गरीब परिवार खुद के मकान में जिंदगी गुजारेगा। इस परिवार की आगे भी हर संभव मदद करेंगे।
दिलीप मिश्र बताते हैं कि लंबे समय से पत्नी और बच्चों का अपने घर का इंतजार था, लेकिन गरीबी की वजह से सपना साकार नहीं हो रहा था। डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी फरिश्ता बनकर उनके उनके परिवार की ओर ध्यान दिया तो उन्हें भी घर नसीब हो गया। दिवाली पर वह अपने घर में दीए जलाएंगे।