राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और होलिकोत्सव समिति की ओर से होली के दिन भगवान नरसिंह की रंगभरी शोभायात्रा मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में धूमधाम से निकाली गई। शोभा यात्रा के पूरे मार्ग में नगरवासियों ने रंगों की बरसात कर, भगवान नरसिंह के चरणों में श्रद्धा निवेदित की। यात्रा के दौरान ‘केशव की जय माधव की जय’, ‘जय-जय शिवाजी’, ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ आदि गीतों से माहौल में देशभक्ति और अध्यात्म की मिठास घुल गई।
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- फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम की शुरुआत मंच पर संघ के पदाधिकारियों के परिचय प्राप्त करने से हुई। फिर संघ की शाखा लगी, तत्पश्चात अधिकारियों का स्वागत किया गया। उसके बाद संघ की प्रार्थना हुई। प्रार्थना के बाद अतिथियों के द्वारा भगवान नरसिंह की भव्य आरती की गई। आरती के पश्चात फूल, अबीर-गुलाल और रंगों से घंटाघर चौक पर होली खेली गई और भगवान नरसिंह का रथ प्रस्थान हुआ।
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शोभायात्रा में रथ पर प्रमुख रूप से विभाग संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल, विभाग कार्यवाहक आत्मा सिंह मौजूद थे। शोभा यात्रा घंटाघर चौक से निकलकर मदरसा चौक, लालडिग्गी, घासी कटरा, जाफरा बाजार, बेनीगंज, चरणलाल चौक, आर्यनगर, बक्शीपुर, नखास, रेती चौक होते हुए घंटाघर पहुंच कर संपन्न हुई। संचालन होलिकोत्सव समिति के अध्यक्ष आत्मा सिंह ने किया।
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शोभायात्रा में आरएसएस के प्रांत प्रचारक सुभाष, नगर विधायक डॉ. राधामोहन मोहन दास अग्रवाल, सह प्रांत प्रचारक रमेश, दक्षिण भाग संचालक ओम जालान, संरक्षक अरुण प्रकाश मल्ल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र दत्त शुक्ल, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, कुटुंब परिवार प्रबोधन विभाग के प्रमुख प्रदीप तथा नंदकिशोर, जयप्रकाश, मनोज जालान, अनन्य, आदित्य, मणिंद्र, राजेश, प्रेम, सत्यम, सचिन, हरिओम वर्मा, शैलेश उपस्थित थे।
पहली बार नहीं पहुंचे योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब से सांसद बने हैं तब से लेकर अब तक भगवान नर्सिंग की शोभायात्रा का शुभारंभ करते थे। यह पहला मौका था जब वे शोभायात्रा में शामिल नहीं हो सके। इसके पीछे कोरोना वायरस का खतरा बताया गया। कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक कार्यक्रमों से किनारा किया था। इसी का नतीजा रहा कि मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर, पांडेयहाता के होलिका दहन महोत्सव और गुलरिहा से निकलने वाली भगवान नरसिंह की शोभायात्रा में भी नहीं गए।