फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी के इस जिले में पाकिस्तानी टिड्डियों ने किया हमला, किसान थाली व ढोल बजाकर भी नहीं पा सके छुटकारा

Wed, 15 Jul 2020 08:40 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर।
विज्ञापन
1 of 5
Locust attack - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में पाकिस्तानी टिड्डियों के दल ने धावा बोल दिया है। बताया जा रहा है कि इन टिड्डियों ने सोमवार से ही आतंक मचाया हुआ है जो मंगलवार को भी जारी रहा। इन टिड्डियों से परेशान किसान थाली बजाकर और पटाखा फोड़कर अपने खेतों से भगाने में जुटे रहे। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
Locust attack - फोटो : अमर उजाला।
बलरामपुर जिले से सोमवार शाम जिले के भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र में टिड्डियों का बहुत बड़ा दल प्रवेश कर गया। आसमान में छाए टिड्डियों के दल ने इटवा और भनवापुर के बड़े भूभाग के खेतों पर हमला बोल दिया। रोपे गए धान पर हमले से परेशान किसान ढोल, थाली पीट, पटाखे फोड़कर और आग जलाकर टिड्डियों के हमले से अपनी फसल की रक्षा करते रहे।
विज्ञापन

3 of 5
Locust attack - फोटो : अमर उजाला।
अंधेरा होने के बाद टिड्डियां बैठ गईं। कुछ किसानों ने रात में ही कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया लेकिन इसका उनपर कोई असर नहीं दिखा। मंगलवार सुबह टिड्डियों का दल एक बार फिर सक्रिय हुआ और खेतों की फसल पर टूट पड़ा। जानकारों के अनुसार यदि टिड्डियों ने अपना रास्ता नहीं बदला तो बुधवार को यह दल बढ़नी ब्लॉक के गांवों में प्रवेश कर जाएगा।

4 of 5
locust attack - फोटो : अमर उजाला
सारी वनस्पति चट कर जाती हैं टिड्डियां
कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एलसी वर्मा बताते हैं कि टिड्डियां फूल, फल, पत्ते, बीज, पेड़ की छाल और अंकुर आदि खाती हैं। हर एक टिड्डी अपने वजन के बराबर खाना खाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कृषि को चौपट कर देता है टिड्डी दल का हमला - फोटो : PTI
कृषि अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि टिड्डियों की पहचान उनके चमकीले पीले रंग और पिछले लंबे पैरों से की जाती है। टिड्डी जब अकेली होती है तो उतनी खतरनाक नहीं होती है, लेकिन झुंड में रहने पर इनका रवैया बेहद आक्रामक हो जाता है। उन्होंने बताया कि इन्हें भगाने के लिए थालियां, ढोल, नगाड़े, लाउड स्पीकर या दूसरी चीजों के माध्यम से शोर का प्रयोग कर सकते हैं।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें