घटनास्थल पर पूछताछ करती पुलिस।
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अस्पताल पहुंचाने में दो युवतियों ने की मदद
शाहपुर इलाके में गोली लगने के बाद मां-बेटी सड़क पर तड़प रही थीं, तभी पास में रहने वाला एक युवक पहुंचा और शोर मचाने लगा। शोर सुनकर घटनास्थल से सटे आशियाना भवन की दो युवतियां निकलकर आईं। दोनों युवती व एक युवक ने मिलकर मां-बेटी को बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक डेविना की पहले ही मौत हो चुकी थी, जबकि डेलसिया की हालत गंभीर होने पर उसे आईसीयू में भर्ती किया गया। अगर डेलसिया को अस्पताल लाने में देरी होती तो उनकी भी जान को खतरा हो सकता था। खून तेजी से निकल रहा था। युवतियों ने ही मृत डेविना का पर्स पुलिस को दिया था। इस पर्स में दस हजार रुपये और मोबाइल फोन थे।