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बेटी के सामने ही मां ने तड़पकर तोड़ दिया दम, लोगों ने कहा- ऐसा फिल्मों में होता है

Tue, 22 Sep 2020 10:00 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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मां-बेटी को गोली लगने के बाद पूछताछ करती पुलिस व मृतका की फाइल फोटो (इनसेट में घायल डेलसिया)। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के शाहपुर इलाके में रविवार को दिनदहाड़े शिक्षिका मां-बेटी के ऊपर बाइक सवार पांच बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। दो गोली लगने से मां डेविना की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गोली लगने से बेटी डेलसिया गंभीर रूप से घायल हो गई। दिनदहाड़े अंधाधुंध गोलीबारी और हत्या से पूरे शहर में सनसनी फैल गई। इस दौरान लोगों ने कहा कि ऐसा तो फिल्मों में होता है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें मृत शिक्षिका डेविना के बेटी के दर्द की कहानी...
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अस्पताल में भर्ती डेलसिया व मृत डेविना की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।
बदमाशों ने गोली मारी तो बेटी दर्द से कराह रही थी। मां ने उसके ही सामने तड़पकर दम तोड़ दिया। बेटी को पछतावा है कि वह मां की मदद नहीं कर पाई। मेडिकल कॉलेज में भर्ती बेटी का कहना है कि घर लौटते समय रास्ते में मां उसे नाना के बारे में बता रही थीं। तभी अचानक हमलावरों ने गोली मार दी और इसके बाद कुछ भी याद नहीं है। जब होश आया तो यही पता चला कि मां भर्ती हैं। बाद में उनकी मौत की जानकारी हुई।
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घटनास्थल पर पूछताछ करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला।
अस्पताल पहुंचाने में दो युवतियों ने की मदद
शाहपुर इलाके में गोली लगने के बाद मां-बेटी सड़क पर तड़प रही थीं, तभी पास में रहने वाला एक युवक पहुंचा और शोर मचाने लगा। शोर सुनकर घटनास्थल से सटे आशियाना भवन की दो युवतियां निकलकर आईं। दोनों युवती व एक युवक ने मिलकर मां-बेटी को बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक डेविना की पहले ही मौत हो चुकी थी, जबकि डेलसिया की हालत गंभीर होने पर उसे आईसीयू में भर्ती किया गया। अगर डेलसिया को अस्पताल लाने में देरी होती तो उनकी भी जान को खतरा हो सकता था। खून तेजी से निकल रहा था। युवतियों ने ही मृत डेविना का पर्स पुलिस को दिया था। इस पर्स में दस हजार रुपये और मोबाइल फोन थे।

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मृत शिक्षिका की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।
सेंट जोसेफ स्कूल में भी पढ़ा चुकी थीं डेविना
सरकारी अध्यापक बनने से पहले डेविना सेंट जोसेफ स्कूल में भी शिक्षण कार्य कर चुकी थीं। करीबियों के मुताबिक, वहां पढ़ाने के दौरान ही उनकी सरकारी नौकरी लग गई थी।
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डेविना अपनी बेटी और बेटे के साथ। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
सातवीं कक्षा में पढ़ता है बेटा, बेटी दसवीं में
डेविना के दो बच्चे हैं। जिस बेटी को पेट में गोली लगी है, वह दसवीं कक्षा में लिटिल फ्लावर स्कूल में पढ़ती है। बेटा इरथान उर्फ आरूष भी इसी स्कूल की कक्षा सात में पढ़ता है
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