भगवान शिव (प्रतीकात्मक तस्वीर)
तृतीय सोमवार: इस दिन अमावस्या तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र और हर्षण योग है। चंद्रमा को स्थिति सौम्य राशि मिथुन राशिगत है। सौम्य योग होने के कारण इस दिन जो भी अर्चन-पूजन होगा, उसका प्रतिफल उत्तम ही होगा। इस दिन के व्रत से अखंड सौभाग्य का योग बनेगा। इस दिन का व्रत संतान की सुरक्षा, उनकी सफलता और पुत्रोन्नता के लिए श्रेयष्कर है।