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Vikas Dubey Encounter: जिस एके 47 से विकास दुबे ने ली थी आठ पुलिसकर्मियों की जान, इस थाने से हुई थी गायब!

Fri, 10 Jul 2020 09:51 AM IST
vivek shukla विजय श्रीवास्तव, सिद्धार्थनगर।
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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
विकास दुबे गैंग ने पुलिस टीम पर हमला करने में जो एके 47 इस्तेमाल की थी, वह कहीं दो फरवरी 2019 को इटवा थाने से गायब हुई एके 47 तो नहीं। कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद चल रही जांच में अपराधियों की ओर से एके 47 का इस्तेमाल किया जाने की बात सामने आने पर क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी कहानी...
 
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कानपुर एनकाउंटर में शहीद पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
कानपुर के बिकरू गांव में 2 जुलाई की रात दबिश देने गई पुलिस पर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने खतरनाक हथियारों से हमला कर आठ पुलिसकर्मियों की जान ले ली थी। घटना  के बाद जांच में जुटी फोरेंसिक टीम को मौके से एके 47 असॉल्ट राइफल के खोखे मिले थे। खोखे मिलने पर यह माना गया कि जिन हथियारों से पुलिस टीम पर गोलियां बरसाई गईं, उनमें एके 47 भी थी।
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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
यह जानकारी होने के बाद आशंका जताई जा रही है कि सिद्धार्थनगर जिले के इटवा थाने से गायब हुई एके 47 तो विकास दुबे के यहां नहीं पहुंच गई। यदि यह इटवा थाने से चोरी हुई एके 47 नहीं भी है तो अर्धसैनिक बल और पुलिस महकमे में विशेष ट्रेंड पुलिसकर्मियों को ही दी जानी वाली यह असॉल्ट राइफल विकास दुबे तक कैसे पहुंची, लोगों में यह जानने की जिज्ञासा है।

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इटवा थाना। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
क्या है मामला
इटवा थाने में पुलिस के आला अधिकारियों ने गनर के लिए एके 47 असॉल्ट राइफल जारी की थी। फरवरी 2019 में थाना इंचार्ज अनिल प्रसाद पांडेय थे और मालाखाने का चार्ज हेड वीरेंद्र यादव और राम प्रसाद सिंह थे। एक फरवरी की शाम ड्यूटी हेड वीरेंद्र यादव की थी लेकिन वह ड्यूटी पर नहीं थे। उनकी जगह राम प्रसाद सिंह ड्यूटी पर थे।

 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
पाली खत्म होने पर शाम को गनर ने मालखाने में एके 47 जमा करवाई थी। दो फरवरी की सुबह मालखाने में हथियारों की मिलान की गई तो एके 47 गायब थी। इस मामले में थानाध्यक्ष, दोनों हेड चार्ज और दो सिपाहियों को निलंबित कर केस दर्ज किया गया था। मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है और सभी पुलिसकर्मी बहाल होकर अलग-अलग जगह नौकरी कर रहे हैं।
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सिद्धार्थनगर एसपी विजय ढुल। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
सिद्धार्थनगर एसपी विजय ढुल ने कहा कि यदि विकास दुबे की निशानदेही पर कोई एके 47 बरामद होती है तो उससे पूछताछ की जाएगी। सरकार असलहों का डेटा लखनऊ मुख्यालय में दर्ज रहता है, एके47 मिलने पर नंबर के आधार पर पता चल जाएगा कि वह किस थाने को जारी की गई थी। हथियार बरामद होने और पुष्टि होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
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