गोरखपुर में सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल का मंदिर फोरलेन के किनारे ही बनेगा। इसके लिए नगर निगम की 800 वर्ग मीटर जमीन मंदिर प्रबंधन को दी जाएगी। वहीं सिंधी धर्मशाला के लिए कहीं और जमीन दी जाएगी। फोरलेन के निर्माण की जद में आए मंदिर के ढांचे को सोमवार को हटा दिया गया था।