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नेपाल में बनाए गए टेंट को लेकर सीमा पर हो रही चर्चा, लोगों ने कहा- इनकी पूरी मदद कर रहा है चीन

Sun, 05 Jul 2020 03:46 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
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indo-nepal border - फोटो : अमर उजाला।
नेपाल में सशत्र प्रहरी बल चीन से बने टेंट में बैठक कर अपनी सीमा की निगहबानी में जुटा है। इसे लेकर जानकार तरह तरह के कयास लगा रहे हैं। भारतीय क्षेत्र के नेता इसे नेपाल का चीन प्रेम बता रहे हैं तो नेपाल के मधेशी नेताओं के नजर में ऐसी कोई नहीं बात नहीं है। उनके मुताबिक बहुत पहले से ही चीन से नेपाल ने टेंट मगाया था। बता दें कि इन दिनों सीमावर्ती क्षेत्र में चीनी टेंट से नेपाल पुलिस की निगरानी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। कोरोना के वजह से नेपाल सीमा सील है। दोनों तरफ सुरक्षा कर्मी सतर्क हैं।
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indo-nepal border - फोटो : अमर उजाला।
भारत-नेपाल की खुली सीमा पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। सरहद की तरफ जाने वाले पगडंडी मार्गों पर पेट्रोलिंग तेज है। नेपाल व भारत में आवाजाही के लिए जिले की दो सीमा सोनौली और ठूठीबारी बॉर्डर का प्रयोग होता है। नेपाल में लॉकडाउन की वजह से इसको सील कर दिया गया है। नेपाल प्रशासन की अनुमति पर ही किसी को बॉर्डर से एंट्री दी जाती है। संवेदनशील जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। नेपाल की ओर से अपनी सीमा में अस्थाई होल्डिंग कैंप बनाए गए हैं। इस होल्डिंग पर चीनी भाषा में कुछ लिखा है। रूपनदेही और नवलपरासी जिले में करीब 20 ऐसे नेपाली होल्डिंग कैंप पर लगा है।
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indo-nepal border - फोटो : अमर उजाला।
पूर्व मंत्री रूपनदेही गुलजारी यादव ने बताया कि नेपाल और भारत के बीच करीब 1,751 किलोमीटर की खुली सीमाएं हैं। कोरोना के वजह से सीमा सील है। जहां तक चीनी टेंट का सवाल है तो इसका बेवजह आशय निकालने की जरूरत नहीं है। यह कोई नई बात नहीं है। इससे भारत एवं नेपाल के संबंधो में कोई असर नहीं पड़ेगा। नेपाल पुलिस अपने सीमा क्षेत्र की निगरानी कर रही है। वहीं वरिष्ठ नेता रूपनदेही महेंद्र यादव ने बताया कि नेपाल पुलिस चीन से बने टेंट में बैठकर सीमा की निगरानी में लगी है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि भारत से तनाव हो सकता है। टेंट तो बहुत पहले ही सरकार से मंगाया था। इससे वर्तमान के हालात से जोड़कर देखने की जरूरत नहीं है।

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indo-nepal border - फोटो : अमर उजाला।
पहले प्रवासी मजदूरों को रुकने के लिए बना टेंट
नेपाल ने कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए सीमा पर प्रवासी मजदूरों को रोकने को लेकर होल्डिंग कैंप बनाया गया है। वह चाइनीज टेंट है। उस पर चीनी भाषा लिखा है। शुरूआत में प्रवासी मजदूरों को रखा गया। लेकिन बाद में नेपाली सशत्र पुलिस रहने लगी। सीमा पर गस्त बढ़ाने व होल्डिंग कैंप बनाने की पहल को लोग भारत-नेपाल के बीच उठे सीमा विवाद के रूप में देख रहे हैं। लेकिन नेपाल प्रशासन एवं भारतीय प्रशासन की ओर से इस पर कुछ सटीक नहीं कहा जा रहा है। दोनों तरफ के अधिकारियों के मुतबिक सीमावर्ती क्षेत्र में सब कुछ सामान्य है। तनाव जैसी कोई बात नहीं है।
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indo-nepal border - फोटो : अमर उजाला।
यहां भी बने हैं कैंप
नेपाल के रूपनदेही, नवलपरासी, कृष्णानगर व मर्यादपुर सीमा पर प्रवासी मजदूरों को रोकने के नाम पर जो होल्डिंग कैम्प बनाया गया है, वह चीन से लाया गया टेंट है।
 
नेपाल की भरपूर मदद कर रहा है चीन
व्यापार मंडल नौतनवां तहसील अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने बताया कि चीन की सह पर नेपाल की कम्यूनिस्ट सरकार भारत के साथ रिश्ते बिगाड़ने पर तुल गई है। नेपाल ने इन दिनों अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में अस्थाई कैंप बना कर शसस्त्र पुलिस बल की संख्या में वृद्धि की है। चीन कैंप से नेपाल पुलिस की निगरानी का आशय साफ है कि चीन नेपाल की भरपूर मदद कर रहा है। भाजपा मंडल अध्यक्ष नौतनवा प्रेम कुमार ने बताया कि नेपाल चीन की गोद में बैठकर भारत से रिश्तों को खराब करने में तुला है। सीमावर्ती क्षेत्र में टेंट पर चीनी भाषा लिखा होना, बहुत कुछ बयां कर रहा है।
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