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गोरखपुर के इस IAS दंपती के कामों को जानकर आप भी करेंगे गर्व, शहर के एक भी शख्स को नहीं सोने देते भूखा

Sat, 11 Apr 2020 12:52 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
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आईएएस दंपती अनुज मलिक और गौरव सिंह सोगरवाल। - फोटो : फेसबुक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में कोरोना को लेकर पुलिस प्रशासन बहुत सख्त है। यहां लोगों से लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस पहरा दे रही है। ऐसे में कई लोगों की रोजी रोटी बंद हो गई है। इनके लिए गोरखपुर में एक आईएएस दंपती मसीहा बन गया है। इनका नाम ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सहजनवां अनुज मलिक है।
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गौरव सिंह सोगरवाल और अनुज मलिक। - फोटो : फेसबुक
एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल ने लॉकडाउन के बीच लोगों के घरों तक राशन, सब्जी, दूध आदि जरूरी सेवाएं समय और सुचारू रुप से पहुंच सके इसलिए खुद पहल कर नौ ऑनलाइन डिलीवरी पोर्टल की शुरुआत कराई। लोगों पर भार न पड़े इसलिए डिलीवरी चार्ज भी खत्म कराया। लेखपाल-कानूनगो को तैनात कर रोजाना क्रास चेक कराते हैं कि ऑनलाइन डिलीवरी पोर्टल और किराना दुकानदार, प्रशासन द्वारा तय रेट से अधिक दाम पर सामान न बेच पाएं।
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आईएएस गौरव सिंह सोगरवाल और अनुज मलिक। - फोटो : अमर उजाला।
मनमानी कीमत पर तारामंडल स्थित लक्ष्मी सुपर बाजार मार्ट सीज करने के साथ ही कुछ किराना दुकानदारों पर कार्रवाई की, ताकि दूसरों के बीच यह संदेश जा सके कि कालाबाजारी और मनमानी कीमत वसूली तो गर्दन नपनी तय है। नेपाल क्लब में कम्यूनिटी किचन के अलावा खुद अपने प्रयास से सदर तहसील परिसर में कम्यूनिटी किचन का संचालन शुरू किया जहां से रोजाना दोनों टाइम 1500 लोगों को खाना पहुंचाया जा रहा है।

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IAS अनुज मलिक। - फोटो : फेसबुक
एसडीएम सहजनवां अनुज मलिक ने स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ मिलकर तहसील क्षेत्र के हर गरीब तक खाने के पैकेट और खाद्यान्न सामग्री पहुंचाने में जुटी हैं। सतर्कता के साथ अपने तहसील क्षेत्र में बाहर से आए सभी लोगों को समय पर क्वारंटीन कराया। सुबह-शाम हाईवे पर पेट्रोलिंग के साथ ही रेलवे स्टेशन, प्रमुख चौराहों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करती हैं कि कोई गरीब बिना खाए-पीए तो नहीं है।
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IAS अनुज मलिक। - फोटो : फेसबुक
किराना की दुकानों के साथ ही कोटे की दुकानों का भी लगातार निरीक्षण करती हैं, ताकि राशन वितरण में गड़बड़ी रोकी जा सके। कई पर कार्रवाई भी कर चुकी हैं। गीडा के उद्यमियों की समस्याओं का निस्तारण करा रही हैं। जरूरी सामानों का उत्पादन करने वाली फैक्ट्रियां सुचारू रूप से संचालित हो सके, यह भी सुनिश्चित करा रही हैं। हाल ही में सरकार की पहल पर जब दूसरे राज्यों में फंसे गरीबों ने गोरखपुर लौटना शुरू किए तो उन्हें रास्ते में ही भोजन, दवा आदि का इंतजाम करने में इन्होंने अहम भूमिका निभाई।
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