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Exclusive: भूले-भटके जिगर के टुकड़े को मिलाएगा 'हैलो दादा एप', एक क्लिक में मिलेगी सारी जानकारी

Wed, 14 Jul 2021 04:03 PM IST
vivek shukla राजन राय, गोरखपुर।

सार

स्माइल रोटी बैंक का यह एप सामाजिक सहभागिता से होगा संचालित, हर गुमशुदा की फोटो व ब्योरा दिखेगा
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रोटी बैंक। - फोटो : अमर उजाला।
 भूले-भटके जिगर के टुकड़े और बुढ़ापे की दहलीज पर पहुंचे लावारिसों को तलाशने के लिए स्माइल रोटी बैंक ने बुधवार को ‘हैलो दादा एप’ लांच किया। इस एप को राष्ट्रीय स्तर पर आम जनता की सहभागिता से चलाया जा रहा है। स्माइल रोटी बैंक इसके लिए सामाजिक कार्य करने वाली संस्थाओं की मदद से एक श्रृंखला बनाएगा, जिसके सदस्य भूले-भटके लोगों की फोटो खींचकर एप पर अपलोड करेंगे।

स्माइल रोटी बैंक शुरू करने वाले आजाद पांडेय ने बताया कि बिछड़ों को मिलाने के अभियान में अभी तक हम लोगों से फोन या संपर्क के जरिये जुड़े हैं। जिसमें लोग किसी भी व्यक्ति या बच्चे को इस स्थिति में देखकर हमें जानकारी देते हैं, लेकिन उनके बारे में सही जानकारी जुटा पाना मुश्किल होता है। साथ ही कोई रिकॉर्ड नहीं मेंटेन हो पाता है। अब हमारी मुहिम का दायरा सीमित न होगा। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी मिल जाने से मदद ज्यादा हो सकेगी।

ऐसे होगी मदद
एप के जरिये लोगों को उनके घर तक पहुंचाने में काफी सहूलियत होगी। इसके लिए लोगों को लावारिस हाल में घूम रहे बच्चे, बूढ़े या किसी भूले-भटके की तस्वीर अपने मोबाइल से खींचकर हैलो दादा एप पर अपलोड करनी होगी। इसके साथ ही एक मैसेज बॉक्स में खोए हुए शख्स का पूरा विवरण भी देना होगा कि वह कहां, किस हाल में पाया गया है।
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जरूरतमंदों की मदद करती रोटी बैक की टीम। - फोटो : अमर उजाला।
अगर वह अपना परिचय बता पा रहा है तो उसका भी ब्योरा देना होगा। इस एप पर फोटो डालते ही स्माइल रोटी बैंक के सदस्य उसकी काउंसिलिंग कर उसे घर तक पहुंचाने में मदद करेंगे। साथ ही जिनके परिवार के लोग भटके होंगे, वह खुद भी इस एप के जरिये उन्हें ढूंढ सकेंगे।
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रोटी बैंक। - फोटो : अमर उजाला।
आजाद पांडेय ने बताया कि अब तक करीब 1500 लोगों को उनके परिवार वालों से संस्था ने मिलवाया है। ऐसे भी कई लोग बदहाल स्थिति में पाए गए जो अच्छे और संभ्रांत परिवारों से आते थे। उनके बिगड़े हुलिए को संवार कर उन्हें घर पहुंचाया गया है। शहर में नेपाल, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड व दूसरे शहरों से भी लोग भटके हुए आते हैं।

 

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आजाद पांडेय - फोटो : अमर उजाला।
एप से खोजना होगा आसान
आजाद ने बताया कि हैलो दादा एप बन जाने से भटके लोगों को खोजना और आसान हो जाएगा। साथ ही फोटो, परिचय आदि की रिकॉर्ड लाइब्रेरी भी तैयार होगी। वहीं वेबसाइट संचालक व एप बना रहे राहुल, विशाल मिश्रा ने कहा कि http://www.hellodada.co.in/ वेबसाइट को हमने तैयार कर लिया है। जिसको आवश्यकतानुसार निरंतर अपडेट किया जाता रहेगा।

 
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रोटी बैंक। - फोटो : अमर उजाला।
टीम में सत्य प्रकाश पांडेय, दीपक मिश्रा, अमर पांडेय, नरेंद्र राय मुख्य भूमिका में हैं जबकि दिल्ली एनसीआर में विशाल तिवारी और संकर्षण त्रिपाठी मिशन लीड करेंगे।
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