भूले-भटके जिगर के टुकड़े और बुढ़ापे की दहलीज पर पहुंचे लावारिसों को तलाशने के लिए स्माइल रोटी बैंक ने बुधवार को ‘हैलो दादा एप’ लांच किया। इस एप को राष्ट्रीय स्तर पर आम जनता की सहभागिता से चलाया जा रहा है। स्माइल रोटी बैंक इसके लिए सामाजिक कार्य करने वाली संस्थाओं की मदद से एक श्रृंखला बनाएगा, जिसके सदस्य भूले-भटके लोगों की फोटो खींचकर एप पर अपलोड करेंगे।
स्माइल रोटी बैंक शुरू करने वाले आजाद पांडेय ने बताया कि बिछड़ों को मिलाने के अभियान में अभी तक हम लोगों से फोन या संपर्क के जरिये जुड़े हैं। जिसमें लोग किसी भी व्यक्ति या बच्चे को इस स्थिति में देखकर हमें जानकारी देते हैं, लेकिन उनके बारे में सही जानकारी जुटा पाना मुश्किल होता है। साथ ही कोई रिकॉर्ड नहीं मेंटेन हो पाता है। अब हमारी मुहिम का दायरा सीमित न होगा। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी मिल जाने से मदद ज्यादा हो सकेगी।
ऐसे होगी मदद
एप के जरिये लोगों को उनके घर तक पहुंचाने में काफी सहूलियत होगी। इसके लिए लोगों को लावारिस हाल में घूम रहे बच्चे, बूढ़े या किसी भूले-भटके की तस्वीर अपने मोबाइल से खींचकर हैलो दादा एप पर अपलोड करनी होगी। इसके साथ ही एक मैसेज बॉक्स में खोए हुए शख्स का पूरा विवरण भी देना होगा कि वह कहां, किस हाल में पाया गया है।