फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलविदा 2022: गोखपुर विश्वविद्यालय में थोड़ी खुशी, थोड़ा गम दे गया साल, नैक मूल्यांकन न होने का मलाल

Wed, 28 Dec 2022 05:01 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
विज्ञापन
1 of 6
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
दीनदयाल उपाध्याय गोखपुर विश्वविद्यालय ने एक बरस में कई उपलब्धियां हासिल की, लेकिन नैक मूल्यांकन न करा पाने और साल भर चले हंगामे का मलाल रह गया। दस रुपये थाली में भोजन और पांच रुपये में नाश्ता की योजना धरातल पर नहीं उतर पाई। नई शिक्षा नीति के अनुरूप च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) को प्रदेश में सबसे पहले लागू करने का गौरव हासिल करने का अवसर मिली लेकिन, परीक्षाओं का परिणाम समय से नहीं आ सका। जो परिणाम आए उसमें भी भारी गल्तियां थीं, जिसका खामियाजा विद्यार्थियों को उठाना पड़ा।

शिक्षकों की भर्ती, महाविद्यालयों में प्रोफेसर पद पर पदोन्नति, नए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का संचालन, नए छात्रावासों की सौगात से पठन-पाठन का माहौल बनाने की भरपूर कोशिश की गई। इन सबके बीच गोरखपुर विश्वविद्यालय में हिंदी के विभाग के आचार्य प्रो. कमलेश गुप्त प्रकरण और प्री-पीएचडी छात्रों द्वारा कॉपी फाड़ने की घटना पूरे साल चर्चा का केंद्र बिंदु रही।

 
विज्ञापन

2 of 6
गोरखपुर विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला।
नए छात्रावास की मिली सौगात
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को इस वर्ष एक नए छात्रावास की सौगात मिली है। 100 विद्यार्थियों की क्षमता वाले नवनिर्मित स्वर्गीय राम प्रताप शुक्ल छात्रावास में अब विद्यार्थी रहने भी लगे हैं। इस छात्रावास का निर्माण सांसद निधि से 2.79 करोड़ रुपये से किया गया है।

शुरू हुई शिक्षकों की भर्ती
विश्वविद्यालय में नियमित शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई। विज्ञान, वाणिज्य, अर्थशास्त्र में 15 शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है, अन्य विभागों में भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा गेस्ट फैकल्टी व संविदा पर भी शिक्षकों की तैनाती की गई है।

 
विज्ञापन

3 of 6
DDU gorakhpur - फोटो : अमर उजाला।
राष्ट्रीय पुरातन छात्र सम्मेलन में ऑनलाइन जुड़े रक्षामंत्री
गोरखपुर विश्वविद्यालय में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर पुरातन छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में देश भर से पूर्व छात्रों भाग लिया। वहीं, बतौर मुख्य अतिथि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी ऑनलाइन जुड़े और अपना संदेश पढ़ा।

नैक मूल्यांकन का रह गया मलाल
विश्वविद्यालय ने पूरे साल नैक मूल्यांकन की तैयारी जोरों पर की। लेकिन, इस वर्ष नैक का मूल्यांकन नहीं हो पाया। ग्रेड हासिल नहीं होने से विवि को यूजीसी से आर्थिक सहायता की उम्मीदों को झटका लगा है। वहीं, शैक्षणिक संस्थानों की रेटिंग के लिए राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में आवेदन ही नहीं किया गया।

 

4 of 6
प्रोफेसर कमलेश गुप्ता। - फोटो : अमर उजाला।
पूरे साल आंदोलन करते रहे प्रो. कमलेश
हिंदी विभाग के आचार्य प्रो. कमलेश गुप्त विश्वविद्यालय के कुलपति पर पूरे साल हमलावर रहे। कई बार धरने पर बैठे और आमरण अनशन भी किया। उन्हें विवि प्रशासन ने निलंबित भी किया। राजभवन से जांच के लिए कुलाधिपति के ओएसडी पंकज एल जानी विश्वविद्यालय भी आए। आरोप-प्रत्यारोप से विवि की छवि भी धूमिल हुई।

रिजल्ट में गलतियों की भरमार
विश्वविद्यालय ने सेमेस्टर की परीक्षा तो समय से करा दी, लेकिन परिणाम को समय से घोषित नहीं कर पाया। जो रिजल्ट आए भी उनमें ढेर सारी गलतियों रहीं। पूरे साल परीक्षा विभाग में विद्यार्थियों की भीड़ लगी रही। हंगामा और प्रदर्शन चलता रहा।

 
विज्ञापन

5 of 6
MMMUT - फोटो : अमर उजाला।
'ए' ग्रेड हासिल कर एमएमएमयूटी बना प्रदेश का विवि
नैक का 'ए' ग्रेड हासिल करके मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने प्रदेश का पहला ऐसा राज्य विश्वविद्यालय बनने का गौरव हासिल किया। यह उपलब्धि हासिल कर विश्वविद्यालय नेउत्तर प्रदेश के 33 राज्य विश्वविद्यालयों को पीछे छोड़ दिया। देश के उन चुनिंदा विश्वविद्यालय में भी शामिल हो गया है, जिसे पहले प्रयास में ही 'ए' ग्रेड मिला है।

एमएमएमयूटी बना स्किल डेवलपमेंट में सरकार का पार्टनर
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के खाते में कई बड़ी उपलब्धियां आईं। प्रदेश सरकार ने एमएमएमयूटी को स्किल डेवलपमेंट पार्टनर बनाया। भारत सरकार की कौशल विकास मिशन योजना के तहत प्रदेश सरकार ने पहले चरण में 32 विश्वविद्यालयों को चुना है, इनमें मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भी शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
MMMUT - फोटो : अमर उजाला।
प्लेसमेंट के बने नए रिकॉर्ड
एमएमएमयूटी ने एक हजार से ज्यादा प्लेसमेंट कराकर नया रिकॉर्ड बनाया है। 100 से ज्यादा नामी कंपनियों ने लाखों के पैकेज पर छात्रों का चयन किया। सात लाख से लेकर 42 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर चयन हुआ।

नहीं पूरा हो सका प्रेक्षागृह का निर्माण
एमएमएमयूटी में दो हजार की क्षमता वाला अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस प्रेक्षागृह का निर्माण हो रहा है। इसकी शुरूआत पांच साल पहले की गई। इस वर्ष कुलपति की पहल पर तेजी आई और दिसंबर तक पूरा करना था। लेकिन इस वर्ष नए प्रेक्षागृह की सौगात नहीं मिल पाई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें