गोरखपुर के पिपराइच में हुए छात्र हत्याकांड में स्टेटस पर गाली-गलौज के कारण हत्याकांड हुआ था। खेल मैदान में अलाव तापते समय सुधीर को पिस्टल से गोली मारी गई थी। गोली गर्दन और फेफड़े को चीरती हुई निकली थी।
गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र स्थित कोऑपरेटिव इंटर कॉलेज के खेल मैदान में अलाव तापते समय 11वीं के छात्र सुधीर उर्फ भोला को पिस्टल से गोली मारी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुलिस को पता चला है कि सुधीर को मारी गई गोली उसकी गर्दन और फेफड़े को चीरते हुए बाहर निकल गई।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या की असल वजह मोबाइल स्टैटस पर की गई गाली-गलौज थी। उधर, पुलिस ने आरोपियों को पिस्टल देने के आरोपी उदय राज को सोमवार को हिरासत में ले लिया है। उसके पास से पिस्टल भी बरामद की गई है। मंगलवार को पूरे वारदात का पर्दाफाश किया जाएगा।
विज्ञापन
2 of 12
मृतक सुधीर और सूचना देने वाला युवक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस के अनुसार, पिपराइच के मुंडेरी, गढ़वा गांव निवासी सुधीर वारदात के वक्त अपने एक दोस्त को बाइक सिखाने के बाद खेल मैदान में अलाव ताप रहा था। इसी दौरान बाइक से तीन युवक वहां पहुंचे। इनमें रोशन, उदय और विनय शामिल थे।
विज्ञापन
3 of 12
मृतक सुधीर और परिजनों को समझाती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोप है कि रोशन ने मोबाइल स्टैटस पर की गई गाली-गलौज का विरोध किया, जिस पर सुधीर ने दोबारा गाली दे दी। इससे नाराज होकर रोशन ने पिस्टल निकालकर उस पर फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद सुधीर शोर मचाते हुए जान बचाने के लिए भागा, तभी उस पर दूसरी गोली भी चलाई गई, हालांकि वह नहीं लगी।
4 of 12
रोते बिलखत परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुछ दूरी पर जाकर सुधीर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को दिन में करीब 1:30 बजे हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में तनाव फैल गया था। करीब पांच घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी थी। शनिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने एंबुलेंस से शव पिपराइच पहुंचाया और परिजनों की मौजूदगी में रामघाट पर अंतिम संस्कार कराया गया।
विज्ञापन
5 of 12
रोते बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने पूछताछ के आधार पर हत्या में प्रयुक्त पिस्टल उपलब्ध कराने वाले आरोपी उदय राज उर्फ मियां निवासी मुड़ेरी, गढ़वा, पिपराइच को हिरासत में लिया है। उसके कब्जे से पिस्टल भी बरामद कर ली गई है। पुलिस आरोपी से पिस्टल के स्रोत और नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है। हालांकि मुख्य आरोपी विनय और उसके अन्य साथी अभी भागे हुए हैं। बताया जा रहा है कि नाबालिग आरोपी पेशेवर अपराधी न होने के बावजूद पुलिस को गुमराह कर रहे हैं और बार-बार बयान बदल रहे हैं।
विज्ञापन
6 of 12
परिजनों को समझाती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इलाके में तनाव, पुलिस तैनात
पिपराइच के मुड़ेरी गढ़वा गांव में एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। थाना पुलिस लगातार गश्त कर रही है और हालात पर नजर रखे हुए है। इधर, वारदात के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धनश्याम राही ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी, जबकि कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान ने परिजनों से मिलकर न्याय का भरोसा दिलाया। परिजनों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन के सामने पांच मांगें रखी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे आक्रोशित परिजन मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी कर रहे हैं।
विज्ञापन
7 of 12
शव के पास रोते-बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
युवाओं में रील्स की लत...भौकाल के चक्कर में बर्बाद कर रहे जिंदगी
आजकल युवाओं में रील्स की लत काफी ज्यादा बढ़ गई है। स्कूल में पढ़ने वाले छात्र सोशल मीडिया पर फिल्मी डायलॉग और गानों से भौकाल जमा रहे हैं। यही भौकाल उनके लिए खतरनाक साबित हो रहा है। सोशल मीडिया की चकाचौंध में वह अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं।
8 of 12
मृतक के शव के पास रोते-बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हाल ही में पिपराइच इलाके में 11वीं के छात्र सुधीर की हत्या भी रील्स और स्टेटस से शुरू हुए विवाद के बाद हुई थी। उसने 26 दिसंबर को इंस्टाग्राम पर लिखा- अपने जीजा के दम पर कूदते हो। घर में घुसकर मारेंगे। दम है तो मुकाबला करो। इसके बाद चार लड़कों ने कोऑपरेटिव इंटर कॉलेज के कैंपस में घुसकर सुधीर पर गोली चला दी। पहला निशाना चूकने के बाद दो आरोपियों ने सुधीर का हाथ पकड़ लिया, इसके बाद गोली मारी गई। सुधीर दिन भर रील बनाता था। इंस्टाग्राम पर 100 से अधिक रील्स उसने बनाकर शेयर किए थे। वही रील उसकी हत्या का कारण बन गई। इसके पहले नवंबर में तिवारीपुर थाना क्षेत्र में अंबुज की हत्या में भी सोशल मीडिया एक बड़ा कारण था। अंबुज का गिरोह काफी समय से सोशल मीडिया पर एक्टिव था। वहां पर वह अपना भौकाल जमाते थे।
9 of 12
आरोपी के घर पहुंचे मृतक के समर्थक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
केस एक
जून 2025 में गीडा थाना क्षेत्र के पिपरौली बाजार निवासी राज वर्मा (17) का शव राप्ती नदी में घटनास्थल से चार किलोमीटर दूर मिला था। वह कालेसर जीरो पॉइंट के पास राप्ती नदी के घाट पर रील बनाते समय डूब गया था। एसडीआरएफ ने रेस्क्यू अभियान चलाकर राप्ती नदी में बरहुआ गांव के किनारे से शव बरामद किया था।
10 of 12
रोते-बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
केस दो
अप्रैल-2023 में कैंट इलाके के बेतियाहाता में युवती से मोबाइल फोन लूटने के आरोपियों पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि तीनों दोस्त हैं व रील बनाने के लिए जगह-जगह जाने का खर्च पूरा करने के लिए लूट करने लगे। भीड़ से बचने के लिए तमंचा भी रखते थे। पकड़े गए आरोपियों की उम्र महज 19 से 20 साल के बीच में थी।
11 of 12
सुधीर हत्याकांड
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिवार को देना होगा ध्यान
गोरखपुर विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. धनंजय कुमार ने बताया कि कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जिनके भीतर बचपन से ही उग्रता होती है। बच्चे अक्सर इसलिए बिगड़ जाते हैं क्योंकि परिवार के लोग उन पर ध्यान नहीं देते और उनकी गलतियों को नजरअंदाज कर देते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से कई लोग अच्छा काम भी कर रहे हैं लेकिन कुछ लोग केवल लाइक और व्यूज के लिए भौकाल जमाने की कोशिश करते हैं। आगे चलकर वे कई बार आपराधिक घटनाओं में भी संलिप्त हो जाते हैं।
घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रील्स ने संबंधों को किया है प्रभावित
गोरखपुर विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र विभाग के सहायक आचार्य डॉ. दीपेंद्र मोहन सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया पर छोटे वीडियो कंटेंट (रील्स) का चलन बढ़ा है। रील्स के असंतुलित उपयोग ने सामाजिक संबंधों को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। साथ ही दूसरों से आभासी तुलना के कारण लोगों में हीनभावना भी पैदा हो रही है। इसके अलावा रील्स की आदत के कारण लोगों में सामाजिक अलगाव की प्रवृत्ति बढ़ी है, व्यक्ति सामाजिक रूप से अलग-थलग पड़ता जा रहा है। यह रील्स का दुष्प्रभाव ही है कि डिजिटल डिटॉक्स जैसी अवधारणाएं सामने आई है। हालांकि, यह अभिव्यक्ति का एक सहज मंच भी बनकर उभरा है, परंतु आवश्यकता है कि इसका संतुलित और उद्देश्यपूर्ण उपयोग किया जाए।