उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बेलघाट इलाके में कृष्णा और संजय में चुनावी अदावत के बीच ही पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में है। सोमवार शाम को संजय का शिवम से विवाद हुआ था। इसकी जानकारी होने पर पुलिस भी आई थी और शिवम को हिरासत में लेकर थाने गई थी। बाद में पुलिस ने मामले को रफादफा कर शिवम को बिना कार्रवाई किए ही छोड़ दिया था।
जानकारी के मुताबिक, थाने से छूटने के बाद संजय से खुन्नस खाए, शिवम ने अपने मित्र कृष्णा के जरिए दोनों भाइयों को चौराहे पर बुलाया था। दबंगों ने उसकी हत्या की साजिश बना ली थी यही वजह थी कि वे असलहे के साथ वहां पहुंचे थे जबकि संजय निहत्था था। यही नहीं, इस घटना में शामिल दो अन्य युवक तमंचे के साथ वायरल वीडियो में सामने आ चुके थे। उनके दबंग होने की जानकारी के बाद भी पुलिस उन पर सख्ती नहीं कर पाई नतीजा दो भाइयों को गोली मारी गई और एक की जान चली गई।
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बेलघाट हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
आरोपियों में व्यापारी और हिस्ट्रीशीटर भी
आरोपी कृष्णा अग्रहरि के पिता रमेश की बेलघाट में मेडिकल स्टोर है। वहीं आसिफ के पिता की बेलघाट में गारमेंट की दुकान है, आसिफ को छह-सात माह पूर्व तमंचे के साथ वायरल वीडियो के मामले में पुलिस ने पकड़ा था और जेल भिजवाया था, वहीं उस वीडियो में कृष्णा अग्रहरि भी दिखा था, लेकिन वह पुलिस कार्रवाई से बच गया था।
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बेलघाट हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
तीसरे आरोपी शिवम की बेलघाट चौराहे पर बेकरी की दुकान है। जबकि मानवेंद्र सिंह खिलाफ बेलघाट में दर्जन भर मुकदमे हैं वह थाने का हिस्ट्रीशीटर भी हैं। हत्याकांड में आरोपी उसके भाई की बेलघाट में गारमेंट की दुकान है।
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बेलघाट हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
ये हुई थी घटना
जानकारी के मुताबिक, चुनावी रंजिश में बेलघाट कस्बे के बेलदारी टोला निवासी संजय और उसके सगे भाई रंजय को सोमवार रात घर से बुलाकर दबंगों ने चौराहे पर गोली मार दी थी। जिला अस्पताल में संजय की मौत हो गई थी। रंजय का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
संजय के साले बेलघाट के पिपरसंडी निवासी विशाल तहरीर पर बेलघाट पुलिस ने बेलघाट निवासी कृष्णा अग्रहरि, आसिफ और सोपई निवासी मानवेंद्र सिंह के भाई तथा बेलघाट के विधनापार निवासी शिवम सिंह के खिलाफ हत्या का प्रयास, हत्या और एससीएसटी की धारा में केस दर्ज किया है।