कई दिनों से लगातार हो रही बारिश से गोरखपुर मंडल में बहने वाली नदियां उफान पर हैं। रोहिन नदी खतरे के लाल निशान को पार कर गई है। वहीं राप्ती नदी का जलस्तर डेढ़ मीटर से अधिक बढ़ गया है। यही रफ्तार रही तो गुरुवार यानी आज राप्ती भी लाल निशान के करीब पहुंच जाएगी। इसी प्रकार घाघरा का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। यह भी जल्द खतरे के निशान के करीब पहुंच जाएगी। उधर, गंडक नदी में चार लाख क्यूसेक से अधिक पानी आने से स्थिति भयावह हो गई है।
इस साल मई महीने में लगातार बारिश होने की वजह से पहले ही नदियों में काफी पानी आ गया है। राप्ती नदी मई में जहां दो मीटर तक बढ़ गई थी, वहीं गोर्रा का जलस्तर चार मीटर ऊपर आ गया था। पूर्वांचल के मैदानी इलाकों के अलावा नेपाल में भी भारी बारिश हो रही है। इसका असर मंडल में बहने वाली नदियों के जलस्तर पर दिख रहा है। क्योंकि यहां की अधिकतर नदियां नेपाल की पहाड़ी से निकलकर पूर्वांचल के मैदानी इलाकों में बहती हैं।
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गोरखपुर राप्ती नदी।
- फोटो : अमर उजाला।
जब नेपाल में बारिश होती है तो यहां के नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होती है। इस समय राप्ती, घाघरा, रोहिन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
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गंडक नदी।
- फोटो : अमर उजाला।
गंडक में आया चार लाख क्यूसेक पानी
नेपाल की पहाड़ियों से निकल कर महराजगंज, कुशीनगर होते हुए बिहार की सीमा में बहने वाली गंडक नदी में बाल्मीकि नगर बैराज से पानी छोड़ा जाता है।
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गोरखपुर राप्ती नदी।
- फोटो : अमर उजाला।
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता केके राय ने बताया कि बुधवार की सुबह 404000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जब तीन लाख 80 हजार क्यूसेक से अधिक पानी गंडक में आ जाएगा तो समस्या बढ़ जाएगी।