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किसी डिस्को में जाएं, किसी होटल में खाएं...अलका याग्निक के गीतों को सुन झूम उठे दिल

Sun, 12 Jan 2020 11:12 AM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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गोरखपुर महोत्सव में अलका याग्निक की लाइव परफॉर्मेंस। - फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर महोत्सव की पहली शाम बॉलीवुड गायिका अलका याग्निक का जादू दर्शकों के सिर चढ़ कर बोला। सर्द रात में अलका के स्टेज पर आते ही में पंडाल जोश का माहौल छा गया। आगे की ओर बैठे दर्शकों ने शोर और गर्मजोशी से बॉलीवुड गायिका का स्वागत किया। करीब एक घंटे स्टेज पर रहीं अलका याग्निक ने दर्शकों को अपने संगीत से मंत्र मुग्ध कर दिया।
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गोरखपुर महोत्सव में अलका याग्निक की लाइव परफॉर्मेंस। - फोटो : अमर उजाला
अलका याग्निक ने किसी डिस्को में जाएं, किसी होटल में खाएं... गाने से शुरूआत की तो पूरे पंडाल में युवाओें के पांव थिरकने लगे। सूरज हुआ मद्धम, चांद ढलने लगा, आसमां ये हाय क्यों पिघलने लगा, क्या ये पहला पहला प्यार है... गाया तो श्रोता प्रेम के गोते लगाते नजर आए। इसके बाद टिप-टिप बरसा पानी, पानी ने आग लगाई..से माहौल रोमांटिक हो गया।


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गोरखपुर महोत्सव में अलका याग्निक की लाइव परफॉर्मेंस। - फोटो : अमर उजाला
जब अलका ने सुनाया- बोलें चूड़ियां बोलें कंगना हाय मैं हो गई तेरी साजना... गाने प्रस्तुत किए तो युवतियां संगीत का आनंद लेती नजर आईं। उन्होंने मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है, बाजीगर ओ बाजीगर गानों सहित अनेक गानों के मुखडे़ गाकर दर्शकों को आनंद विभोर किया। अलका याग्निक को देखने सुनने के लिए युवा ज्यादा आए।

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गोरखपुर महोत्सव में अलका याग्निक की लाइव परफॉर्मेंस। - फोटो : अमर उजाला
व्यवस्था बनाए रखने में लगाए गए सुरक्षाकर्मी और स्टॉलों पर तैनात कर्मचारियों ने भी अलका याग्निक के गानों का मजा लिया। हालांकि जब अलका याग्निक का कार्यक्रम पूरे शबाब पर था तो पंडाल में काफी कुर्सियां खाली पड़ी थीं। कारण, पुलिस समेत कुछ अन्य सरकारी विभागों में भी आमंत्रण पत्र नहीं मिलने पर ही चर्चा आम रही। महोत्सव में एक बड़े इवेंट के प्रभारी से जब विभाग के मातहतों ने पास मांगा तो उनका दर्द छलक पड़ा।

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गोरखपुर महोत्सव में अलका याग्निक की लाइव परफॉर्मेंस। - फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर यूनिवर्सिटी के तमाम शिक्षक, कर्मचारी और छात्र नेताओं ने आमंत्रण पत्र नहीं मिलने पर नाराजगी जताई तो वहीं व्यापारी संगठनों और उद्यमियों ने भी मुखर होकर विरोध जताया। आमंत्रण पत्र नहीं मिलने पर कुछ प्रायोजक भी गुस्से का इजहार कर रहे हैं। उनका कहना है कि रुपये खर्च करने के बाद भी उनके परिवार तक के लिए आमंत्रण पत्र नहीं मिला जबकि कई कुर्सियां खाली रहीं।
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