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Gorakhpur Weather: गोरखपुर में फिर बदला मौसम का मिजाज, 60 किमी की रफ्तार से चली धूल भरी हवा, तस्वीरें

Mon, 11 May 2020 03:33 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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gorakhpur weather - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में रविवार रात मौसम का मिजाज फिर बदल गया। धूल भरी तेज हवा के साथ गोरखपुर एवं आसपास के इलाकों में बूंदाबांदी भी हुई। तेज हवा को देखते हुए बिजली विभाग ने एहतियातन बिजली की आपूर्ति बंद कर दी। अगले कुछ दिनों में गोरखपुर और आसपास फिर बूंदाबांदी होने की संभावना है।
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gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
तेज हवा और बारिश से आम की फसल पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। रविवार सुबह से शाम तक आकाश करीब करीब साफ था। लेकिन रात तकरीबन 8:30 बजे मौसम का मिजाज एकाएक बदल गया। आकाश में काले काले बादल छा गए। गरज के साथ बूंदाबांदी भी हुई। तकरीबन 60 किलोमीटर की रफ्तार से धूल भरी तेज हवाएं चलने लगी। इससे विभिन्न इलाकों में लगे होर्डिंग और बैनर उखड़ गए। साथ ही कई पेड़ों की टहनियां टूट कर गिर पड़ी।
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gorakhpur weather - फोटो : अमर उजाला।
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडे ने बताया कि 9 मई को अफगानिस्तान के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ था, जो 10 तारीख रविवार की सुबह दिल्ली, उत्तराखंड, मेरठ, लखनऊ होते हुए देर रात गोरखपुर पहुंचा। यहां इसकी रफ्तार अन्य जगहों की तुलना में कम होकर मात्र 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रह गई थी। 

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gorakhpur weather - फोटो : अमर उजाला।
कैलाश पांडे ने बताया कि अगले एक-दो दिन फिर बारिश होने की संभावना है। सोमवार को भी गोरखपुर एवं आसपास के इलाकों में बूंदाबांदी हो सकती है। इसके साथ ही फिर एक सरकुलेशन बनने की संभावना है जिसकी वजह से 13 और 14 को भी पानी बरस सकता है।
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gorakhpur weather - फोटो : अमर उजाला।
कई इलाकों की बिजली हुई गुल
तेज हवा और बूंदाबांदी से शहर में कई इलाकों में विद्युत अपूर्ति ठप हो गई। हालांकि इस दौरान गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली। रविवार की शाम तकरीबन 8:30 बजे तेज हवा चलने की वजह से  टाउन हाल, बेतियाहाता, रूस्तमपुर, बिछिया, झारखंडी विकास नगर, तारामंडल, बक्शीपुर, राप्तीनगर, शिवपुर सहबाजगंज, पादरी बाजार आदि इलाकों में अपूर्ति ठप कर दी गई।

कई जगह पेड़ की डालियां टूटकर तारों पर गिर पड़ीं। रात 9 बजे तक डालियों को हटाकर आपूर्ति शुरू की गई। कुछ जगहों पर ट्रांसफार्मर के फ्युज उड़ गए। कुछ अन्य तकनीकी खामियों की वजह से कुछ इलाकों में देर रात तक मरम्मत कार्य चलता रहा।
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