गोरखपुर के वैभव हत्याकांड में मुख्य आरोपी पहले भी जेल जा चुका था। आरोपी टीईटी साल्वर गिरोह में फंसा था। प्रयागराज में 2022 में साल्वर गिरोह पकड़ा गया था। 36 लाख के कर्ज और संदिग्ध संपर्कों की पड़ताल पुलिस कर रही है।
कभी प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखने वाला सर्वेश कुमार भट्ट उर्फ बिट्टू अब अपराध के गंभीर आरोपों में घिरा है। जिस हाथ में कभी किताबें थीं, उसी नाम पर अब पुलिस की केस डायरी तैयार हो रही है। मासूम वैभव हत्याकांड में मुख्य आरोपी बने सर्वेश का अतीत खंगालने पर सामने आया कि वह पहले भी कानून के शिकंजे में आ चुका है।
वर्ष 2022 में प्रयागराज में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के साल्वर गिरोह से जुड़े होने के आरोप में सर्वेश की गिरफ्तारी हुई थी। आरोप है कि वह फर्जी दस्तावेजों के सहारे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने की तैयारी में था। जेल से बाहर आने के बाद भी वह अपनी जिंदगी को अपराध से दूर नहीं रख सका और अब हत्या जैसे संगीन मामले में पुलिस जांच का केंद्र बन गया है।
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अंतिम संस्कार के लिए ले जाते वैभव का पार्थिव शरीर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस के अनुसार, सर्वेश पढ़ाई में तेज था। वर्ष 2008 में उसने गोरखपुर स्थित स्वामी विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से एडवांस डिप्लोमा इन कंप्यूटर एजुकेशन किया था। इसके बाद उसने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की और आईएएस बनने का लक्ष्य तय किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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अयोध्या धाम सरयू नदी तट पर वैभव वर्मा का हुआ अंतिम संस्कार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वर्ष 2010 में उसने अपने बड़े भाई सतीश भट्ट के नाम से सुदर्शन सेवा शिक्षा संस्थान के नाम पर एक फर्म भी शुरू कराई थी। जांच एजेंसियां अब इस फर्म की गतिविधियों, पंजीकरण और आर्थिक लेनदेन की जानकारी जुटा रही हैं। बताया जा रहा है कि फर्म में परिवार के सदस्य निदेशक और सदस्य रहे हैं।
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आरोपी सर्वेश कुमार भट्ट उर्फ बिट्टू
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कर्ज का दबाव और गलत संगत ने बदली राह
पुलिस जांच में सामने आया है कि आर्थिक परेशानियां भी बढ़ती चली गईं। शादी के लिए करीब 13 लाख रुपये का कर्ज लिया गया। इसके बाद कंप्यूटर कोचिंग सेंटर खोलने के लिए करीब 23 लाख रुपये का ऋण लिया गया। करीब 36 लाख रुपये के कर्ज के बीच सर्वेश कोचिंग पढ़ाने लगा।
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इसी कोचिंग सेंटर में पढ़ाता था आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी दौरान उसकी संगत ऐसे लोगों से हुई, जिनके संपर्क ने उसे टीईटी साल्वर गिरोह तक पहुंचा दिया। प्रतियोगी परीक्षा पास कर सरकारी अधिकारी बनने का सपना देखने वाला सर्वेश खुद परीक्षा में फर्जीवाड़े के आरोपों में फंस गया।
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रोते बिलखते वैभव के परिवार लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रयागराज में एसओजी ने खोला था साल्वर गिरोह का खेल
23 जनवरी 2022 को प्रयागराज के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र में एसओजी ने शिक्षक पात्रता परीक्षा के दौरान सक्रिय साल्वर गिरोह का पर्दाफाश किया था। कार्रवाई में 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिसमें सर्वेश भी शामिल था। पुलिस के मुताबिक, सर्वेश अभ्यर्थी के स्थान पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा देने की तैयारी में था। पूछताछ में उसने लेखपाल राहुल यादव के कहने पर गिरोह से जुड़ने की बात बताई थी।
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मृतक वैभव के परिवार से मिलने पहुंचे गोरखपुर के मेयर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस के अनुसार, परीक्षा दिलाने के एवज में उसे पांच हजार रुपये एडवांस मिले थे। जांच में यह भी सामने आया था कि वह गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ अभ्यर्थियों के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने में सहयोग कर रहा था। इस मामले में जेल जाने के बाद उसका प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना पूरी तरह खत्म हो गया।
अब मासूम वैभव हत्याकांड में भेजा गया जेल
टीईटी साल्वर मामले के बाद अब सर्वेश का नाम वैभव हत्याकांड से जुड़ा है। एक मासूम की हत्या के आरोप ने उसके पुराने मामलों को फिर से जांच के केंद्र में ला दिया है। पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, संपर्कों, वित्तीय लेनदेन और गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अपराध की इस घटना के पीछे कौन-कौन से कारण और कड़ियां जुड़ी हैं।
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रोते बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी सर्वेश भट्ट के आपराधिक और आर्थिक पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और पूर्व मामलों से जुड़े तथ्यों को भी जांच में शामिल किया गया है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।- दिनेश पुरी, एसपी साउथ
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घटना के बाद नाराज लोग सड़क पर बैठे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मासूम की अपहरण के बाद हत्या
गोरखपुर के खजनी कस्बे के सराफा कारोबारी हनुमान वर्मा के 10 वर्षीय बेटे वैभव वर्मा के अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। सोमवार दोपहर स्कूल से लौटने के बाद साइकिल लेकर घर से निकला बालक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था। करीब 24 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले आरोपी कंप्यूटर शिक्षक सर्वेश भट्ट को गिरफ्तार कर उसके घर के बेसमेंट से वैभव का शव बरामद किया। घटना के बाद लोगों में गुस्सा फूट पड़ा। व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने मुख्य मार्ग जाम कर खजनी थाने का घेराव किया और आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
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रोते बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जानकारी के अनुसार, खजनी कस्बे के सराफा कारोबारी का सबसे छोटा बेटा वैभव सोमवार दोपहर करीब दो बजे स्कूल से घर लौटा था। उसने स्कूल बैग रखा, यूनिफॉर्म बदली और नई साइकिल लेकर घर से निकल गया। कुछ देर बाद उसकी साइकिल लावारिस हालत में मिली, जबकि पास के खेत में उसकी एक चप्पल बरामद हुई। इसके बाद परिजन ने पुलिस को सूचना दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
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रोते बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर वैभव के पीछे पड़ोस में रहने वाला कंप्यूटर शिक्षक सर्वेश भट्ट जाता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पुलिस ने मंगलवार दोपहर सर्वेश के घर की तलाशी ली। इस दौरान उसके मकान के बेसमेंट से बालक का शव बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस हत्या के कारण और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
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रोते बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बच्चे का शव मिलने की सूचना फैलते ही खजनी कस्बे में भीड़ जुट गई। आक्रोशित व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने खजनी-सिकरीगंज और खजनी-मल्हनपार मार्ग जाम कर दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग खजनी थाने पहुंच गए और घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के एनकाउंटर, उसके मकान पर बुलडोजर चलाने और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोर सजा दिलाने की मांग की।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ, डीएम दीपक मीणा समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराने की कोशिश की। भीड़ के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने आरोपी और उसके परिवार को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया। एहतियातन आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। देर तक चली बातचीत और अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।