उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में घाघरा नदी का जलस्तर फिर खतरे के निशान से 78 सेंटीमीटर ऊपर चला गया है। इससे बांधों पर जबरदस्त दबाव है। गोला और खजनी तहसील क्षेत्र में बांधों पर कटान का खतरा है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक घाघरा नदी का जलस्तर अभी चार सेंटीमीटर और ऊपर जा सकता है। ऐसा हुआ तो बाढ़ का खतरा गहराएगा।
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घाघरा नदी।
- फोटो : अमर उजाला।
घाघरा नदी फिलहाल 93.510 मीटर पर बह रही है। ऐसे में बाढ़ राहत चौकियों की मदद से निगरानी बढ़ाई गई है। अलर्ट जारी है। दूसरी तरफ बाल्मीकि नगर बैराज से 1,67,900 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर बढ़ने की आशंका है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
घाघरा नदी को छोड़ दें तो जिले में बहने वाली अन्य नदियों का जलस्तर कम हुआ है। राप्ती नदी खतरे के निशान से काफी नीचे आ गई है। केंद्रीय जल आयोग के रिपोर्ट के मुताबिक गोरखपुर में राप्ती नदी का मंगलवार को जलस्तर 74.240 मीटर था। देर शाम तक जलस्तर 74.170 मीटर हो गया।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
राप्ती नदी का खतरे का निशान 74.980 मीटर है। कुआनो नदी का जलस्तर मुखलिसपुर में मंगलवार सुबह आठ बजे तक 77.130 तो शाम को चार बजे 77. 060 मीटर रिकार्ड किया गया। खतरे का निशान 78.650 मीटर है।
रोहिन नदी का जलस्तर त्रिमुहानी घाट पर सुबह आठ बजे 79.780 तो शाम चार बजे 79.770 मीटर था। इस नदी का खतरे के निशान 82.440 मीटर है। गोर्रा नदी का जलस्तर पिड़रा घाट 70.000 मीटर था। यह नदी भी खतरे के निशान से नीचे आ गई है। खतरे के निशान 70.500 मीटर है।