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पांच नदियों से घिरा है गोरखपुर, बाढ़ से बचाव के लिए बनीं 86 चौकियां, एनडीआरएफ की दो कंपनी अलर्ट

Fri, 10 Jul 2020 09:50 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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gorakhpur river news - फोटो : अमर उजाला।
नदियों के जलस्तर बढ़ने के साथ ही बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज कर दी गई है। गोरखपुर में 86 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। घाघरा के कटान को देखते हुए गोला और खजनी तहसील क्षेत्र में एनडीआरएफ की दो यूनिट तैनात की गई है। एनडीआरएफ के पास स्टीमर, नाव पर्याप्त संख्या में है। एसडीआरफ की टीमें भी अलर्ट हैं। नाव, स्टीमर अलग से मंगाए जा रहे हैं।
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बुढ़नपुरा गांव स्थित तपस्वी कुटी का तटबंध। - फोटो : अमर उजाला।
घाघरा, राप्ती और रोहिन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग से मिले आंकड़ों के मुताबिक अयोध्या में घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास है। यह नदी गोरखपुर के खजनी, गोला तहसील क्षेत्र होकर बहती है। इसकी चपेट में कई गांव आ सकते हैं। इस वजह से हाई अलर्ट घोषित किया गया है। बुधवार की सुबह इस नदी का जलस्तर जहां 92. 410 मीटर रिकार्ड किया गया था, वहीं शाम चार बजे 92.750 मीटर पहुंच गया।
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गोला बाजार के पास घाघरा नदी का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।
8 घंटे में ही जलस्तर 340 सेंटीमीटर बढ़ गया। इसी तरह गोरखपुर के राजघाट में राप्ती का जलस्तर सुबह 73. 180 मीटर था, जो शाम को  73.240 मीटर पहुंच गया। आठ घंटे में इस नदी का जलस्तर 60 सेंटीमीटर बढ़ा है। त्रिमुहानी घाट पर रोहिन नदी का जलस्तर सुबह 79.360 मीटर था, जो शाम को 79.670 मीटर हो गया।

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बड़हलगंज के पास सरयू नदी का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।
पांच नदियों से घिरा है गोरखपुर
गोरखपुर पांच नदियों से घिरा है। जिले से होकर गुजरने वाली नदियों पर 68 तटबंध हैं। इसकी कुल लंबाई 457. 7 किलोमीटर है। गोरखपुर में घाघरा नदी का क्षेत्र 77 किलोमीटर है। राप्ती नदी 134 किलोमीटर की लंबाई में बहती है। रोहिन नदी 30 किलोमीटर, कुआनो 23 और गोर्रा नदी 17 किलोमीटर की लंबाई में बहती है।
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gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रूपेश कुमार खरे ने बताया कि घाघरा नदी के शाहपुर खड़कपुर सुपाई तटबंध पर तीन बड़ी प्रोजेक्ट इस साल स्वीकृत हुए थे। तीनों प्रोजेक्ट बाढ़ निरोधक थे। 15 जून के पहले काम पूरा होना था लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से दिक्कत हो गई। लॉकडाउन में कामकाज नहीं हो सका। कहीं भी कोई खतरा नहीं है। सब कुछ नियंत्रण में है।
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