फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: 'मां रोओ मत, मैं हूं ना'- बडे़ बेटे के शब्दों ने हर आंख को कर दिया नम- परिवार का छलका दर्द

Sat, 25 Apr 2026 02:59 PM IST
Rohit Singh अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

अम्बरीश की पत्नी दीपाली, अपनी ननद पारूल श्रीवास्तव (जो अहमदाबाद से आई थीं) से लिपटकर रोते हुए बार-बार यही कहती रहीं कि अब उनका और बच्चों का क्या होगा। इसी बीच उनका बड़ा बेटा ईशान अपनी मां का हाथ पकड़कर बोला, 'मां रोओ मत, मैं हूं ना। मैं पूरे परिवार को संभालूंगा।'
विज्ञापन
1 of 8
अंबरीश के पार्थिव शरीर के पास बेटा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अम्बरीश श्रीवास्तव के निधन से पूरे परिवार और इलाके में गहरा शोक व्याप्त है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद जब उनका शव करीब चार बजे उनके आवास पर पहुंचा, तो वहां मौजूद परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई। घर का माहौल बेहद गमगीन हो गया।
विज्ञापन

2 of 8
शव के पास रोते बिलखते पत्नी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जैसे ही परिजनों ने अम्बरीश का शव देखा, उनके बुजुर्ग पिता की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। वे अपने बेटे को देखकर फफक पड़े। वहीं, छोटे भाई नितिन और दोनों बेटे अपने पिता के शव से लिपटकर रोने लगे। परिवार के इस दर्दनाक दृश्य को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन

3 of 8
रोते बिलखते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अम्बरीश का छोटा बेटा वीर अपने चाचा नितिन से लिपटकर सिसकता रहा। भतीजे को इस तरह बिलखते देख नितिन भी खुद को संभाल नहीं पाए और उसे सीने से लगाकर रोने लगे। आसपास खड़ी महिलाएं और रिश्तेदार बच्चों का दर्द देखकर भावुक हो उठे और माहौल और भी मार्मिक हो गया।

4 of 8
मृतक अंबरीश की पत्नी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जब शव को अंतिम संस्कार के लिए राजघाट ले जाया जा रहा था, उस समय अंतिम दर्शन के दौरान एक और बेहद भावुक क्षण सामने आया। अम्बरीश की पत्नी दीपाली, अपनी ननद पारूल श्रीवास्तव (जो अहमदाबाद से आई थीं) से लिपटकर रोते हुए बार-बार यही कहती रहीं कि अब उनका और बच्चों का क्या होगा।
विज्ञापन

5 of 8
मृतक के अंबरीश की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी बीच उनका बड़ा बेटा ईशान अपनी मां का हाथ पकड़कर बोला, “मां रोओ मत, मैं हूं ना। मैं पूरे परिवार को संभालूंगा।” आंखों में आंसू लिए बेटे के इन शब्दों ने वहां मौजूद हर शख्स को भावुक कर दिया। वहीं छोटा बेटा अपने चाचा से लिपटकर बार-बार पूछता रहा, “पापा को क्या हुआ? उन्हें उठाइए न चाचा।” यह सुनकर वहां मौजूद लोगों का दिल दहल उठा। 
विज्ञापन

6 of 8
पिता ने हाथ जोड़कर अंबरीश को दी अंतिम विदाई - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दरअसल, सूचना के बाद पार्क रोड स्थित आवास पर सुबह से ही लोगों का तांता लगना शुरू हो गया। शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी, जनप्रतिनिधि, छात्रनेता और परिचितों के साथ सैकड़ों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचने लगे। पोस्टमार्टम के दौरान एम्स परिसर में भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन

7 of 8
घर पर जुटी भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोपहर बाद करीब चार बजे जैसे ही उनका शव आवास पर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद लोगों की भीड़ और बढ़ गई। अम्बरीश की शहर में एक अलग पहचान थी। सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर बड़े आयोजनों तक उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी, यही वजह रही कि उनके निधन की खबर सुनते ही हर वर्ग के लोग उनके घर पहुंच गए। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और व्यवस्था बनी रहे। 
विज्ञापन

8 of 8
घर के बाहर जुटी भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भाई ने दी मुखाग्नि 
शाम करीब 5:30 बजे उनका पार्थिव शरीर राजघाट के लिए ले जाया गया। अंतिम यात्रा में भी सैकड़ों लोग शामिल हुए। श्मशान घाट पर छोटे भाई नितिन श्रीवास्तव ने मुखाग्नि दी। नम आंखों के साथ लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी और उनकी यादों को सहेजते हुए लौट गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें