गोरखपुर के चिलुआताल इलाके में व्यापारी अनिल गुप्ता की हत्या का आरोपी गोरखनाथ इलाके के जटेपुर उत्तरी निवासी मो. सैफ पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया। शनिवार को भोर में वह नेपाल भागने की फिराक में था, तभी मानीराम के पास पुलिस टीम ने उसे घेर लिया। वह भागने के लिए फायर करने लगा।
जवाबी कार्रवाई में मो. सैफ के पैर में गोली लग गई और वह वहीं गिर गया। पूछताछ में सैफ ने बताया कि वह कर्ज को लेकर परेशान था। अनिल के गले में सोने की मोटी चेन देखी तो लालच में आकर गला रेत उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने घायल सैफ को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उपचार कराकर देर शाम चिलुआताल पुलिस ने उसे जेल भिजवा दिया।
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Cloth merchant murder
- फोटो : अमर उजाला
कपड़ा व्यापारी की हुई थी हत्या
सैफ के पास से एक तमंचा और लूटी गई सोने की चेन, चाकू व वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद हुई है। हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए पुलिस लाइंस में एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर और एसपी उत्तरी जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि पांच नवंबर को चिलुआताल इलाके के एकला नंबर एक के यादव टोला निवासी कपड़ा व्यापारी अनिल गुप्ता (35) की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। 100 सीसीटीवी कैमरे और 12 मोबाइल नंबरों की जांच पड़ताल के बाद मो. सैफ का नाम सामने आया। वारदात के बाद वह पत्नी और बेटे को दूसरी जगह शिफ्ट कर फरार हो गया था।
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आरोपी सैफ
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तीन एप से लिया था लोन, ब्लैकमेलिंग से बचने के लिए रची हत्या की साजिश
प्रेम विवाह कर पत्नी का शौक पूरा करने के लिए मोबाइल के जानकार मो. सैफ ने तीन अलग-अलग कंपनियों के लोन एप डाउनलोड कर काफी रुपये कर्ज लिए थे। इधर, ऑनलाइन लोन देने वाली कंपनी उसको जल्द रकम जमा करने के लिए धमकी देते थे। उसको ब्लैकमेल भी करना शुरू कर दिया था। उसके दोस्तों और रिश्तेदारों के पास भी उसकी अश्लील फोटो भेजी जा रही थी। मो. सैफ का कहना है कि मुझे लगा कि अनिल की चेन बेचकर वह अपना कर्जा चुकता कर देगा और ब्लैकमेलिंग से छुटकारा मिल जाएगा। इसलिए हत्या की साजिश रची।
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हाथ से अंगूठी निकालने का प्रयास किया...
मो. सैफ ने बताया कि अनिल की हत्या करने के लिए तीन चाकू खरीदे थे। घटना वाले दिन ही दो चाकू जल्दबाजी में गिर गए थे। पांच नवंबर को बीयर पिलाने के नाम पर उसे कोतवाली इलाके में आर्य नगर स्थित एक बार में ले गया। वहां पर आठ बीयर की केन मंगाई गई थी। बार का पैसा भी अनिल ने ही अपने मोबाइल एप के जरिए दिया। फिर रात के समय सड़क पर सन्नाटा होने तक उसे झूठ बोलकर बाइक पर बैठाकर इधर-उधर घुमाता रहा। एक बजे उसके घर की गली में ले जाकर चाकू से गला रेतकर गले से मोटी चेन खींचकर उसे नाले में धकेल कर भाग गया। थोड़ी देर बाद घटना स्थल पर आरोपी फिर गया। नाले में घुसकर पहले चाकू खोजा, फिर अनिल के हाथ से अंगूठी निकालने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
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दूसरे समुदाय की लड़की से की शादी, घरवालों ने निकाला
मो. सैफ जटेपुर उत्तरी में माता-पिता के साथ रहता था। वर्ष 2021 में मोहल्ले में ही दूसरे समुदाय की लड़की से उसने भागकर शादी कर ली। इसको लेकर खूब बवाल हुआ। सैफ को परिजनों ने घर से निकाल दिया। इसके बाद वह पत्नी के साथ मानबेला में प्रधानमंत्री आवास में किराए का कमरा लेकर रहने लगा। बरगदवां में वह एक मोबाइल की कंपनी में प्रमोटर के रूप काम करता था, उसे सैलरी 18 हजार रुपये मिलती थी।
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10 हजार भरता था किस्त
मो. सैफ का एक डेढ़ साल का बेटा भी है। घर के लिए वॉशिंग मशीन समेत कई सामान किस्त पर ले लिए थे। हाल ही में उसने किस्त पर दो मोबाइल 47 हजार और 37 हजार का खरीदा था। महंगा वाला मोबाइल पत्नी को गिफ्ट दिया था और 37 हजार वाला मोबाइल खुद इस्तेमाल कर रहा था। उसके क्रेडिट कार्ड पर भी 65 हजार रुपये का बकाया था। 18 हजार सैलरी में वह करीब 10 हजार रुपये किस्त भर रहा था। समय पर किस्त न भर पाने के कारण बकाया कई गुना बढ़ गया था। उसके घर के आस-पास के लोगों का कहना है कि पत्नी को दिखावे के लिए वह क्षमता से अधिक खर्च कर रहा था। इसका एक कारण यह भी था कि वह पत्नी पर शक भी करता था।
व्यापारी की मां बोलीं- सीने पर मारनी चाहिए थी गोली
मो. सैफ के पकड़े जाने के बाद व्यापारी अनिल गुप्ता की मां और पत्नी संतुष्ट नहीं थीं। व्यापारी की मां ने कहा कि उनके बेटे को मारने वाले के सीने में गोली मारनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि वह जेल जाकर फिर छूट जाएगा। बाहर निकलकर हमलोगों को भी हमला कर सकता है। जिस तरह मेरे बेटे को उसने मारा उसका अंजाम भी वही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उसके साथ और भी लोग हैं, इसका पता पुलिस को लगाना चाहिए।