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राजनीति का केंद्र रही है गोरक्षपीठ, अलग-अलग क्षेत्रों से चुनाव लड़े थे ये महंत

Sun, 31 May 2020 08:29 AM IST
vivek shukla टीपी शाही, गोरखपुर।
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गोरक्ष पीठाधीश्वर ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ, महंत अवैद्यनाथ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला।
गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ भले ही आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं लेकिन इस पीठ का राजनीति से बहुत पुराना रिश्ता है। गोरक्ष पीठाधीश्वर ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाए थे।
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महंत दिग्विजय नाथ। - फोटो : अमर उजाला।
बाद में महंत दिग्विजय नाथ हिंदू महासभा में शामिल हुए और चुनाव लड़े। लोकसभा के पहले चुनाव से ही वह गोरखपुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे थे लेकिन 1967 में पहली बार सांसद बने।
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महंत अवैद्यनाथ की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।
महंत दिग्विजयनाथ से पहले ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ मानीराम विधानसभा से पहली बार 1962 में चुनाव जीते थे। वे लगातार पांच बार मानीराम विधानसभा का प्रतिनिधित्व किए थे। बाद में भी चार बार लोकसभा का चुनाव जीते थे।

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गोरमहंत अवैद्यनाथ, महंत दिग्विजय नाथ(फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला।
इन दोनों महंतों के साथ हैं ब्रह्मलीन मां दिव्या नाथ के गुरु भाई नवमी नाथ ने भी पिपराइच विधानसभा से किस्मत आजमाई थी। यह अलग बात है कि वह तीन बार वहां से चुनाव लड़े लेकिन कभी चुनाव जीत नहीं पाए। उनके हार का अंतर काफी कम रहा लेकिन वह विधानसभा में नहीं पहुंच पाए थे।
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सीएम योगी आदित्यनाथ।(file) - फोटो : अमर उजाला।
उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए योगी आदित्यनाथ गोरखपुर संसदीय क्षेत्र से पांच बार सांसद चुने गए। गोरखपुर से जुड़ी एक पीठ देवीपाटन है जो बलरामपुर जनपद में पड़ती है वहां के महंत कौशलेंद्र नाथ तुलसीपुर विधानसभा से विधायक चुने गए थे।
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