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खपरैल का मकान गिरने से बेघर हुए पूर्व विधायक, ईमानदारी ऐसी कि एक मकान तक नहीं बनवा पाए

Wed, 15 Jul 2020 08:37 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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खपरैल मकान गिरने के बाद ओसारे में टाट पट्टी लगाकर रहने को मजबूर पूर्व विधायक हरिद्वार पांडेय। - फोटो : अमर उजाला।
रविवार रात की बारिश में गोरखपुर जिले के मानीराम स्थित खपरैल का मकान गिर जाने से पूर्व विधायक हरिद्वार पांडेय बेघर हो गए हैं। स्थिति यह हो गई है कि बहू और चार पोते-पोतियों के साथ पूरा परिवार बरामदे में रहने को मजबूर है। मकान गिरने की खबर पाकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव विश्वविजय सिंह सोमवार को उनके घर पहुंचे। उन्होंने पूर्व विधायक को हर संभव मदद की बात कही और कहा कि पार्टी आपके साथ खड़ी है।
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उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव विश्वविजय सिंह पूर्व विधायक के घर पहुंचे। - फोटो : अमर उजाला।
हरिद्वार पांडेय 1980-85 में मानीराम विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी से विधायक रहे। 88 साल की उम्र में उनके पास जमापूंजी के नाम पर मानीराम में करीब ढाई बीघा जमीन और एक खपरैल का मकान है। रविवार रात खपरैल का मकान भी बारिश की भेंट चढ़ गया। चारों कमरे भरभरा कर गिर गए। बस एक बरामदा बचा रह गया।  
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पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीर बहादुर सिंह हरिद्वार पांडेय के मित्र थे। - फोटो : अमर उजाला।
पूर्व विधायक हरिद्वार पांडेय आज की चकाचौंध वाली राजनीति के अपवाद हैं। ईमानदारी की भावना इतनी प्रबल रही कि विधायक रहने के बावजूद वह एक ठीकठाक मकान तक नहीं बनवा सके। हरिद्वार पांडेय पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीर बहादुर सिंह के घनिष्ठ मित्र रहे हैं।

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आज भी कांग्रेस के प्रति हैं निष्ठावान। - फोटो : अमर उजाला।
कांग्रेस के स्वर्णिम काल में विधायक रहने और वीर बहादुर सिंह का बेहद नजदीकी हरिद्वार पांडेय की नैतिकता के मानदंड कितने ऊंचे हैं, यह आसानी से समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि 88 साल की उम्र में भी वह कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहे हैं।
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बारिश ने बढ़ाई पूर्व विधायक की मुश्किलें। - फोटो : अमर उजाला।
पूर्व विधायक हरिद्वार पांडेय ने कहा कि ढाई बीघा जमीन है, उसी से जीवन-यापन कर लेते हैं। मकान गिरने के बाद अब थोड़ी मुश्किल होगी। टाट-पट्टी बांधकर इसी में रहना पड़ेगा। बरामदा खुला हुआ है, इसलिए ठंड भी लग रही है। देखते हैं, आगे क्या होता है।
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