हरिशंकर तिवारी को श्रद्धांजलि देते राज्यसभा सदस्य डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल।
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हरिशंकर तिवारी के पैतृक गांव टांडा, बड़हलगंज से काफी संख्या में लोग तिवारी हाता पहुंच रहे थे। तिवारी के करीबी रामानुज त्रिपाठी अस्पताल से सीधे हाता ही चले आए। हाता पहुंचने वालों के मन में एक ही इच्छा कि पंडित जी के अंतिम दर्शन हो जाए। कोई बैठकर रो रहा था तो कोई आंसुओं के साथ अंदर दाखिल हो रहा था। पूर्व मंत्री के शव के पास बैठे उनके बड़े पुत्र कुशल तिवारी और भांजे, विधान परिषद के पूर्व सभापति गणेश शंकर पांडेय लोगों को ढांढस बंधाते नजर आए। वहीं, किनारे खड़े विनय शंकर तिवारी खुद को संभालते नजर आए।