एक विज्ञापन की पंच लाइन है कि शौक बड़ी चीज है... सच भी है कि शौक का कोई मोल नहीं होता। शौक के लिए शौकीन लोग काफी कुछ खर्च कर देते हैं। ऐसा ही एक शौक है महंगी बाइक का। जिसे यह शौक लगा तो फिर वह महंगी कारों को भी भूल जाता है। सफर लंबा हो या छोटा, महंगी बाइक पर फर्राटा भरना रोमांचक होता है। शहर के कई उद्यमी हैं, जिनके पास महंगी कारें हैं, लेकिन उनके पास महंगी बाइक भी है, जिसकी सवारी करते अक्सर वह नजर आ जाते हैं।
शहर के उद्यमी विशाल जायसवाल बताते हैं हार्ले डेविडसन बाइक चलाते समय उन्हें कॉलेज के दिनों की याद आती है। मस्ती और रोमांच का अनुभव होता है। विशाल बताते हैं कि उन्होंने करीब 20 साल पहले पहली बार पल्सर बाइक खरीदी थी। धीरे-धीरे समय आगे बढ़ा। पढ़ाई पूरी करने के बाद कारोबार में व्यस्त हो गए। चार पहिया गाड़ियां जरूरत बन गईं।