गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल के कमरे में बेड पर जूनियर डॉक्टर का शव मिलने के मामले में उनका परिवार यहां पहुंचा। सबसे पहले परिवार के तीन सदस्यों ने हॉस्टल पहुंचकर कमरे को देखा। उसके बाद एनेस्थीसिया विभाग पहुंचे और यहां विभागाध्यक्ष के साथ बातचीत की।
विज्ञापन
1 of 10
पत्नी डॉ. निमिषा के साथ डॉॅ. अबिषो डेविड।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में जूनियर डॉक्टर अबिषो डेविड का शव मिलने के बाद पुलिस ने कमरे को सील कर दिया। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पीजी कर रहे डॉक्टर की मौत के मामले में शनिवार की सुबह मृतक डॉक्टर का भाई अभिनव डेविड, ससुर सेल्वेराम और साला प्रजीत मेडिकल कॉलेज पहुंचे। सबसे पहले तीनों ने हॉस्टल पहुंचकर कमरे को देखा। उसके बाद एनेस्थीसिया विभाग पहुंचकर विभागाध्यक्ष से घटना की जानकारी ली। इस दौरान सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह, गुलरिहा इंस्पेक्टर जीतेंद्र कुमार सिंह मौजूद रहे। पंचनामा की कार्रवाई पूरी होने के बाद घरवालों ने हॉस्टल पहुंचकर कमरे के अंदर रखे समानों की संघनता से जांच पड़ताल की।
वहीं, जांच के लिए कॉलेज प्राचार्य ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। घटनास्थल से किसी प्रकार का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने कमरे से आवश्यक नमूने और संभावित साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने हॉस्टल के अन्य रेजिडेंट डॉक्टरों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की।
घटना के बाद हॉस्टल में रहने वाले अन्य छात्रों में दहशत और असमंजस की स्थिति है। विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि पुलिस और फॉरेंसिक टीम के साथ जांच में सहयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन
3 of 10
डॉक्टर के कमरे में मिला इंजेक्शन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रात में दोस्तों संग किया भोजन, ढाई बजे तक की पढ़ाई
बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार रात पौने ग्यारह बजे डॉ. अबिषो अपने हॉस्टल के जी-25 कमरे में साथी के साथ पढ़ाई कर रहे थे। भूख लगने पर दोनों के साथ में बाहर खाना खाने गए और वापस आकर करीब ढाई बजे तक पढ़ाई की। इसके बाद साथी छात्र अपने हॉस्टल चला गया। शुक्रवार सुबह बेड पर उनका शव मिला। डॉक्टर का पैर जमीन से लगा था।
4 of 10
डॉक्टर के कमरे की जांच करती पुलिस व फॉरेंसिंक की टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लगा ली पूरी वॉयल
अबिषो के कमरे में वेक्यूरोनियम ब्रोमाइड का वॉयल मिला है। डाक्टरों कहना है कि ऑपरेशन के दौरान मरीज को तीन चार बूंद दी जाती है। आशंका है कि जूनियर डॉक्टर ने पूरा वॉयल लगा लिया होगा। पूरा वॉयल लगाने से व्यक्ति का शरीर तीन मिनट के अंदर शिथिल हो जाएगा और आठ मिनट के अंदर मौत हो सकती है। कॉलेज के सह आचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने गुलरिहा पुलिस को तहरीर दी है।
विज्ञापन
5 of 10
कमरे की जांच करती टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोस्तों से भी नहीं साझा करते थे बातें
बताया जा रहा है कि डॉ. अबिषो काफी शांत स्वभाव के थे। वह जिम्मेदारी से अपने कार्य को पूरा करते थे। केरल के मूल निवासी होने की वजह से स्थानीय भाषा में कठिनाई थी। दोस्तों से भी वह अपनी निजी बातें साझा नहीं करते थे। काम का तनाव भी काफी था। पुलिस हर पहलू पर गहनता से जांच कर रही है।
विज्ञापन
6 of 10
हॉस्टल के कमरे में रहते थे डॉक्टर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हैप्पीनेस इंडेक्स हो रहा कम
साइकोलॉजिस्ट डॉ. आकृति पांडेय ने बताया कि युवा कॅरिअर को लेकर जागरूक और जीवन में इतने उलझे हुए हैं कि वे अकेले रहना पसंद करते हैं। उनका हैप्पीनेस इंडेक्स भी कम होता जा रहा है। अकेलेपन में कोर्टिसॉल हॉर्मोन की अधिकता होने के कारण एक समय के बाद किसी भी परिस्थिति में उन्हें खुशी नहीं मिलती है।
विज्ञापन
7 of 10
मृतक डॉक्टर के भाई
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जूनियर डॉक्टर का शव मिला
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल के कमरे में शुक्रवार सुबह जूनियर डॉक्टर अबिषो डेविड (32) का शव बेड पर मिला। बाएं हाथ में इंजेक्शन के दो निशान मिले। पास के मेज पर वेक्यूरोनियम ब्रोमाइड इंजेक्शन का वॉयल मिला। आशंका जताई जा रही है कि डॉक्टर ने इसकी ओवरडोज लेकर खुदकुशी की है। मौके पर पहुंची गुलरिहा पुलिस ने छानबीन के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया। मौके पर फॉरेंसिक टीम ने भी जांच की।
8 of 10
इसी हॉस्टल के कमरे में हुई मौत
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जानकारी के अनुसार, डॉ. अबिषो डेविड केरल के तिरुअनंतपुरम के निवासी थे। मेडिकल कॉलेज के 100 सीट पीजी हॉस्टल में रह रहे थे। वह एनेस्थीसिया विभाग में जूनियर रेजिडेंट (जेआर-3) के रूप में सेवाएं दे रहे थे। शुक्रवार सुबह जब डॉ. अबिषो डेविड समय पर विभाग में उपस्थित नहीं हुए तो विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार ने कर्मचारी को उनके हॉस्टल में भेजा। कर्मचारी जब हॉस्टल पहुंचा तो देखा कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद है।
9 of 10
डॉक्टर के कमरे में मिला इंजेक्शन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेड पर मृत अवस्था में पड़े थे डॉक्टर
खटखटाने और आवाज लगाने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। इस पर कर्मचारी ने विभागाध्यक्ष को सूचना दी। इसके बाद डॉ. सतीश कुमार अन्य डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ हॉस्टल पहुंचे। काफी प्रयासों के बाद जब दरवाजा नहीं खुला तो उसे तोड़ा गया। अंदर जाने पर डॉ. अबिषो डेविड बेड पर मृत अवस्था में पड़े थे। घटना की सूचना पर प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल समेत कई वरिष्ठ चिकित्सक, शिक्षक और रेजिडेंट डॉक्टर भी मौके पर पहुंच गए। इस संबंध में एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
मेडिकल कॉलेज के इसी हॉस्टल में रहते थे डॉक्टर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कॉलेज के लिए यह दुखद घटना है। हॉस्टल और विभाग से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि कहीं कोई मानसिक दबाव, पारिवारिक परेशानी या अन्य कोई कारण तो घटना के पीछे नहीं है। जांच में पुलिस को पूरा सहयोग किया जाएगा।- डॉ. रामकुमार जायसवाल, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज