मान्या ने बाल दिवस पर स्कूल के कार्यक्रम में लिया था हिस्सा।
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मान्या ने अंग्रेजी में अपनी डायरी में लिखा है कि मैं कभी यह कल्पना नहीं कर सकती थी कि जिसको मैंने अपना इतना घनिष्ठ दोस्त माना, वह मेरे बारे में इतनी घटिया सोच रखती है। शायद मैं मूर्ख थी, जो किसी के भी दुख में दुखी हो जाती थी, तो किसी की भी खुशियों में खुलकर हंसती थी और सबका उत्साहवर्धन करती थी। परंतु मैं गलत थी।
मान्या ने आगे लिखा है कि यह जरूर है कि हमारी मां नहीं है, परंतु हम भी एक अच्छे और सम्मानित परिवार से आते हैं। हमें मरना पसंद है, पर अपने परिवार के सम्मान और प्रतिष्ठा को ताक पर रखना कतई बर्दाश्त नहीं है। अब मैंने प्रण किया है कि चाहे कोई कितना भी करीबी क्यों न हो, अपने दिल की भावनाएं किसी भी परिस्थिति में किसी से भी साझा नहीं करूंगी।