चौरीचौरा शताब्दी महोत्सव के दूसरे दिन अभियान थिएटर ग्रुप के कलाकारों ने नाटक '4 फरवरी, 1922' का मंचन किया। श्रीनारायण पांडेय के निर्देशन में कलाकारों ने चौरीचौरा की घटना के जीवंत मंचन से दर्शकों को देशभक्ति के भाव से ओतप्रोत कर दिया।
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चौरीचौरा शताब्दी महोत्सव
- फोटो : अमर उजाला।
नाटक का लेखन नरेंद्र देव पांडेय ने किया है। नाटक के माध्यम से दिखाया गया कि किस तरह ग्रामीण क्रांतिकारियों ने असहयोग आंदोलन को धार दी। आंदोलन के दौरान पुलिस वालों ने कायराना हरकत करते हुए क्रांतिकारियों पर फायरिंग की। इसमें लोग मारे गए, इसके परिणामस्वरूप क्रांतिकारी आक्रोशित हो गए और उन्होंने थाने में आग लगा दी। इसमें कुछ पुलिसकर्मी भी जलकर मर गए। उस समय लग रहा था कि देश आजाद हो जाएगा, तभी असहयोग आंदोलन वापस ले लिया गया। 13 दृश्यों वाले इस नाटक को लोगों ने लगातार दो घंटे बैठकर पूरे मनोयोग से देखा। इस दौरान दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों की खूब हौसला-आफजाई की।
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'जागल भोजपुरिया जवानी खौले सरयू के पानी'
'चौरीचौरा शताब्दी वर्ष समारोह में पूर्वांचल के प्रसिद्ध कलाकारों ने लोक संगीत के माध्यम से श्रोताओं को राष्ट्रभक्ति के भाव से सराबोर कर दिया। अंजलि पाठक ने देशभक्ति के गीत गाए। 1857 से 1947 तक के भोजपुरिया बलिदानी गाथा पर हरी प्रसाद सिंह, स्वतंत्र सिंह श्याम ने राष्ट्रभक्ति से जुड़े गीत गाकर खूब तालियां बटोरीं। पिता-पुत्र की जोड़ी ने 'नमन शहीदों की कुर्बानी, नमन है देश महान, 'जागल भोजपुरिया जवानी, खौले सरयू के पानी' सहित तमाम देशभक्ति से ओतप्रोत गीत गाए। संस्कार भारती के त्रिपुरारी मिश्रा एवं उनकी टीम 'कॅइलर जहवा गितिया गावे' सहित अन्य भोजपुरी गीत गाकर लोगों का मनोरंजन किया।
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लोक गायक राकेश ने भी दी प्रस्तुति
सुर तरंग कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध लोक गायक एवं संगीत नाटक एकेडमी के सदस्य राकेश श्रीवास्तव ने बाबू बंधू सिंह को समर्पित एक गीत 'बाबू बंधू सिंह के बलिदानवां ई जहैंनवा जानेला...', 'अपने देश धर्म पर बली होके झुली गइले झुलनवा ना...' प्रस्तुत किया। 'सुंदर सुभूमि भैया भारत के देसवा से मोरे प्रान बसे हिंदू देश रे बटोहिया...' की प्रस्तुति दी। वाद्य यंत्रों पर संगत में मोहम्मद शकील ढोलक पर, तबले पर गौरव मिश्र, अखिलेश विश्वकर्मा पैड पर विक्की आर्गन पर, रानू जॉनसन ने बांसुरी पर संगत किया। सुर तरंग कार्यक्रम का संचालन शिवेंद्र पांडेय ने किया।
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बच्चों ने दी कलात्मक योग नृत्य की प्रस्तुति
निरोग योग केंद्र, चौरीचौरा की ओर से योगाचार्य मुहम्मद सज्जाक के निर्देशन में बच्चों और बच्चियों ने शानदार कलात्मक योग नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम प्रस्तुत करने वालों में अंजलि जायसवाल, आयुषी जायसवाल (युगल कलात्मक योग नृत्य) 'हम परमपिता के बच्चे हैं...', रितिका सिंह व दीपिका सिंह ने (युगल कलात्मक योग नृत्य) ‘मेरा दिल भी कितना पागल है...', गाने पर प्रस्तुति दी। 'बापू सेहत के लिए तू तो हानिकारक है...' गाने पर शिवांशु, आयुष, भव्या, आराध्या, ग्रेसी व सूर्यांश ने प्रस्तुति दी।
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मंच पर जीवंत हुई चौरीचौरा की घटना
चौरीचौरा शताब्दी वर्ष समारोह के दूसरे दिन शुक्रवार को लघु नाटिका के माध्यम से चौरीचौरी की घटना को जीवंत कर दिया। कलाकारों ने आंदोलनकारियों के जोश और जुनून का भावपूर्ण प्रदर्शन किया। जेबी महाजन डिग्री कॉलेज के विद्यार्थियों ने लघु नाटिका का मंचन किया। इसमें दिखाया गया कि किस तरह 4 फरवरी 1922 को अंग्रेजों की पुलिस आंदोलनकारियों पर गोली चलाती है।
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बच्चों ने नाटक से किया पुलवामा के शहीदों को नमन
चौरीचौरा के शहीद स्मारक पर चल रहे शताब्दी वर्ष समारोह के दूसरे दिन सेंट्रल एकेडमी चौरीचौरा के विद्यार्थियों ने पुलवामा घटना पर आधारित नाटक का मंचन कर शहीदों को नमन किया। बच्चों के अभिनय ने दर्शकों में देशभक्ति के जज्बे को जागृत कर दिया।
बच्चों की प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा
शहीद स्मारक चौरीचौरा पर आयोजित शताब्दी वर्ष समारोह के दूसरे दिन कार्यक्रम की शुरुआत सेंट्रल पब्लिक एकेडमी भाऊपुर की छात्राओं की सरस्वती वंदना से हुई। बच्चों ने स्वागत गीत भी प्रस्तुत किया जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। अर्पिता, नेहा, शीतल, कंचन, आशु, हरिशंकर, अभिषेक, अंकित, रोहित आदि ने कार्यक्रम पेश किए। निदेशक अभिमन्यु दुबे, प्रशासक गीता दुबे, एकेडमिक गवर्नर सरोज वर्मा आदि ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।