उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के झंगहा इलाके में रविवार की दोपहर तीन बजे चचेरे भाइयों दिवाकर (26) और कृष्णा (24) को बदमाशों ने गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया था। जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
जिस तरह से दो चचेरे भाइयों को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतारा गया, उससे एक बात तो पुलिस साफ-साफ मान रही है कि मकसद हत्या ही था डराना नहीं। अब इसके पीछे की वजह क्या है इसकी गुत्थी सुलझाने में वह जुटी है। मगर शुरुआती जांच में जो सामने आया है उसके मुताबिक आशनाई की ओर पुलिस की जांच चल रही है।
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मृतक दिवाकर की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
दिवाकर का एक हफ्ते पहले ही एक युवती से दोस्ती को लेकर मोतीराम अड्डा के पास विवाद हुआ था। दिवाकर को बुरी तरह से पीटा भी गया था। जिस मुकेश पासवान के बुलाने पर दोनों भाई गए थे, उसकी उस गांव में रिश्तेदारी भी है। पुलिस एक-एक कड़ी जोड़ रही है। फिलहाल पुलिस को फरार मुकेश की तलाश है जो पूरी वारदात का एकलौता चश्मदीद है।
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घटनास्थल पर पहुंचे एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता व अन्य पुलिस अफसर।
- फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के मुताबिक, कृष्णा और मुकेश की पुरानी दोस्ती थी। मगर दिवाकर मुकेश से दूर ही रहता था। मुकेश ने कृष्णा को फोन किया और फिर कृष्णा के बुलाने पर ही दिवाकर भी साथ चला गया था। फिर वहां पर दावत के दौरान हत्या हो गई। यानी टारगेट साफ था कि दोनों भाइयों को ही मौत के घाट उतारना था।
डीआईजी राजेश डी मोदक का कहना है कि पुलिस की टीमें अलग-अलग बिंदु पर काम कर रही हैं, जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
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मृतक कृष्णा की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
मां बाप की हो चुकी है मौत
कृष्णा के पिता राजेंद्र और माता दोनों की मौत हो चुकी है। वह बड़े भाई लाल बिहारी के साथ ही खेती का काम करता था। वह दो भाइयों में छोटा था। दिवाकर भी दो भाई है और वह बड़ा था। वहीं दिवाकर ने घर के व्यापार से हटकर खुद का व्यापार शुरू कर लिया था। व्यापार भी धीरे धीरे रफ्तार पकड़ रहा था।
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रोते- बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला।
परिवार के लोग सदमे में
कृष्णा और दिवाकर की मौत की खबर घर पहुंचते ही चीख पुकार मच गई। दोनों ही परिवारों में मातम छा गया था। वहीं घटना के बाद दिवाकर के पिता घटनास्थल पर भी पहुंचे थे। उन्होंने भी मोतीराम अड्डा में हुए विवाद की जानकारी पुलिस को दी है।
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घटनास्थल पर पहुंची पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
लॉकडाउन में दावत में हत्या ने उठाए सवाल
लॉकडाउन के दौरान पुलिस प्रशासन की सख्ती के बीच ही दावत का दौर और उसमें हत्या का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी शाहपुर इलाके में बिहार के प्रॉपर्टी डीलर की गोलियों से भूनकर हत्या की गई थी। इस हत्या के आरोपित भी अभी फरार हैं और पुलिस गुत्थी नहीं सुलझा सकी है।
आर्म्स एक्ट में जेल भी गया था दिवाकर
12 दिसंबर 2019 को झंगहा पुलिस ने दिवाकर निषाद को मोतीराम अड्डा के वंशराज डिग्री कॉलेज के पास से तमंचा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। बताया जा रहा है कि दिवाकर असलहों को अक्सर पास ही रखता था।
दिवाकर और कृष्णा पर कई मुकदमे भी दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक दिवाकर पर झंगहा थाने में एक मारपीट का तो एक आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज है। वही कृष्णा पर झंगहा थाने में मारपीट का एक, खोराबार में लूट का एक और बेलीपार में चोरी का मुकदमा दर्ज है।