लोगों को उनका भूत दिखने की होती थी आशंका।
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लोग कहानियां बनाने लगे, उस घर से रात में घंटी की आवाज आती है। किसी को पायल तो किसी को नाक से बोलने की आवाजें सुनाई पड़ती है। हालात ऐसे बन गए कि इस घर में रहना तो छोड़िए, कोई एक पल ठहरने की भी नहीं सोच सकता था। क्या इस घर में फिर कभी कोई नहीं आया ? क्या वह अब भी वीरान पड़ा है, उसमें मकड़ी के जालों का राज है? हां, इस घर में अब भी आठ लोग हैं, जिंदा इंसान। ये है, बड़हलगंज के सरया मोहलिया के रहने वाले कवलभान यादव का परिवार।