श्रीप्रकाश शुक्ला (file)।
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बताया कि इसी के साथ उसने एके 47 (स्वचलित राइफल) से ताबडतोड़ फायरिंग शुरू कर दी। साथ खड़े दूसरे युवक ने भी पिस्तौल निकाल कर गोली चलाना शुरू कर दिया। गोलियों की आवाज से पूरा होटल व आसपास का इलाका दहल उठा। इस घटना में मुझे, उमाशंकर सिंह, रमेश जायसवाल और विवेक शुक्ला को गोली लगी थी। हम चारों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सभी गोरखपुर के ही रहने वाले थे। विवेक की मेडिकल कॉलेज लखनऊ में मौत हो गई थी। उसके शरीर से ऑपरेशन कर लगभग 30 गोलियां निकाली गई थीं। यह घटना ठेकेदारी के विवाद को लेकर हुई थी।