उत्तर प्रदेश के गोरकपुर जिले में कोविड वैक्सीनेशन के दूसरे चरण में हुए दो दिनों के टीकाकरण में 27 प्रतिशत वैक्सीन बर्बाद हो गए। इसकी वजह फ्रंट लाइन वर्करों में टीकाकरण के प्रति उत्साह की कमी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वैक्सीनेशन जितना कम होगा उतना ही वायल खराब होंगे। दूसरे चरण के पहले दिन जहां 12 प्रतिशत वैक्सीन खराब हुए थे। वहीं दूसरे दिन 15 प्रतिशत वैक्सीन खराब हुए हैं। इसकी वजह से विभाग भी चिंतित है।