उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कोरोना मरीजों की संख्या नए रिकॉर्ड बना रही है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार सुरक्षित रहते हुए कोविड प्रोटोकॉल के पालन की अपील कर रहा है। लेकिन एक तरफ बीमारी से बचाव के संसाधनों की स्थिति डांवाडोल हो रही है तो दूसरी ओर लोगों की घनघोर लापरवाही संकट की ओर बढ़ा रही है। भलाई इसी में है कि लोग जागरूक हों और सतर्कता बरतें।
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गोरखपुर रेलवे बस स्टेशन।
- फोटो : अमर उजाला।
बस स्टेशनों पर कोविड गाइडलाइन की उड़ रहीं धज्जियां
शहर के रेलवे बस स्टेशन एवं कचहरी बस स्टेशन पर कोविड नियमों की जमकर धज्जियां उड़ रही हैं। चालक व एक के साथ एक सटकर बैठे यात्री मास्क तक नहीं लगा रहे हैं। बस स्टेशन पर बिना मास्क यात्रा कर रहे यात्रियों को रोकने वाला कोई नहीं है। जिम्मेदारों द्वारा यात्रियों के हाथ भी सैनिटाइज नहीं कराए जा रहे हैं और न ही उन्हें यात्रा से रोका जा रहा है। निगम की गाइडलाइन के मुताबिक बिना मास्क यात्रा करने पर पूरी तरह से रोक है। इसके बावजूद जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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गोरखपुर रेलवे बस स्टेशन।
- फोटो : अमर उजाला।
राप्तीनगर के एआरएम परशुराम पांडेय ने बताया कि लोगों में जागरूकता का अभाव है। उनको लाउडस्पीकर के माध्यम से कोविड के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्टेशन पर मास्क व सैनिटाइजर के इंतजाम किए गए हैं।
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gorakhpur railway station
- फोटो : अमर उजाला।
आज से स्टेशन पर मास्क नहीं पहनने पर लगेगा जुर्माना
बिना मास्क लगाए अगर रेलवे स्टेशन पर गए तो जुर्माना देना पड़ेगा। यह जुर्माना न्यूनतम 100 रुपये और अधिकतम 500 रुपये लगेगा। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए रेल प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। इसके लिए अभियान चलाकर स्टेशन पर चेकिंग की जाएगी।
अमर उजाला ने छह अप्रैल के अंक में रेलवे स्टेशन पर कोरोना के मद्देनजर रेल प्रशासन की व्यवस्था की पड़ताल की थी। जिसमें कई खामियां पाई गईं। ज्यादातर यात्री बिना मास्क लगाए ही आते-जाते दिखे। उन्हें रोकने या टोकने वाला कोई न था। लिहाजा यात्री भी निश्चिंत होकर आवाजाही कर रहे थे। उधर, लखनऊ डीआरएम दफ्तर में कई रेलकर्मियों और अधिकारियों के कोरोना संक्रमित मिलने पर सभी दहशत में हैं। खबर का संज्ञान लेते हुए रेल प्रशासन ने अब मास्क को लेकर सख्ती बरतनी शुरू की है। स्टेशन डायरेक्टर ने मंगलवार को विशेष अभियान चलाने के संबंध में दिशा-निर्देशा दिए हैं। जांच में वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों को शिफ्टवार लगाया जाएगा। इसकी सूची उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांगी है। जांच के दौरान आरपीएफ स्टाफ को सहयोग के लिए लगाया जाएगा।