कोरोनावायरस को लेकर भारत- नेपाल सीमा सोनौली आव्रजन कार्यालय के निकट स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लगाए गए कैम्प में डॉक्टरों की तरफ से हो रही जांच में लापरवाही की सूचना पर औचक निरीक्षण करने पहुंचे सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने स्थानीय कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। साथ ही रतनपुर सीएचसी अधिक्षक डॉ. अमित गौतम को तीन शिफ्ट में कर्मियों को तैनात कर 24 घंटे जांच करने का निर्देश दिया।
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- फोटो : अमर उजाला
मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार की शाम कोरोनावायरस को लेकर डॉक्टरों द्वारा की जा रही लापरवाही को लेकर सीएमओ ने सोनौली कैम्प का निरीक्षण कर डॉक्टरों को फटकार लगाई। साथ ही आठ आठ घंटे तीन शिफ्ट में डॉक्टरों को नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि विदेशी पर्यटक सीमा से 24 घंटे आवागमन करते है। जिसको लेकर अब 24 घंटे डॉक्टर कैम्प में मौजूद रहेंगे। साथ ही अगले शिफ्ट के डॉक्टरों के चार्ज लेने के बाद जाने की अनुमति मिलेगी।
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सीएमओ ने बताया कि शनिवार से कोरोना वायरस जांच को लेकर भारत से नेपाल दोनों तरफ के पर्यटक यात्रियों की स्क्रिनिंग की जाएगी। साथ ही सभी को फॉर्म भरना अनिवार्य कर दिया गया है। शनिवार को चार बजे तक डॉक्टर अशोक चौधरी, डॉ. प्रिंस श्रीवास्तव, फार्मासिस्ट निसार अहमद, धर्मेंद्र शाही, पीएम डब्लू राम दयाल मोहम्मद जफर के नेतृत्व में भारत से नेपाल आने जाने वाले थाईलैंड, मयम्मार, श्रीलंका और नेपाल के 309 यात्री पर्यटकों की जांच की।
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डीएम ने देखी कैंप की जांच व्यवस्था
डीएम ने सोनौली में आव्रजन कार्यालय के निकट बने कोरोनावायरस जांच कैंप का निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों और कर्मियों को जरूरी दिशा निर्देश दिया। डीएम डॉ. उज्जवल कुमार और एसपी रोहित सिंह सजवान, भारत नेपाल संबंध में समिति की बैठक में शामिल होने के लिए बेलहिया जा रहे थे। इस दौरान अधिकारियों ने कैंप की व्यवस्था देखी। डॉ. उज्जवल कुमार ने कहा- कि कोरोनावायरस को लेकर बॉर्डर पर बने जांच कैंप में लापरवाही किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी कर्मियों को कड़ी चेतावनी दी कि बेहतर ढंग से पर्यटकों की स्क्रीनिंग कर रिपोर्ट प्रेषित करें।
कोरोना को लेकर एन डीआरएफ की टीम पहुंची सोनौली
गोरखपुर से शनिवार को एनडीआरएफ की 6 सदस्यीय टीम सोनौली पहुंची। जिसका नेतृत्व एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंड एस पी थोराट कर रहे थे। टीम के डॉक्टर अमित त्रिपाठी ने कोरोना हेल्प डेस्क पर तैनात डॉक्टरों, इमिग्रेशन और होटल निरंजना के कर्मचारियों के साथ बैठक कर कोरेना से बचाव के बारे मे बताया। डॉक्टरों ने कहा- इस से डरने की जरूरत नहीं है। बचाव के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा उपाय है।