फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम योगी ऐसे बने थे हिंदुत्व के 'पोस्टर ब्वॉय', अटल बिहारी वाजपेयी ने दिया था खास नारा

Wed, 12 Feb 2020 09:02 AM IST
हरीशचंद सिंह डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
विज्ञापन
1 of 5
सीएम योगी और अटल बिहारी वाजपेयी ने एक साथ रैली की थी। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्पेशल सीरीज का ये छठवां भाग है। पहले पांच भाग में आपने पढ़ा कि कैसे योगी आदित्यनाथ उत्तराखंड स्थित  पैतृक गांव पंचूर से गोरखपुर आए और दीक्षा लेकर संन्यासी बन गए। मां-बाप ने भी बेटे के फैसले के आगे हार मान ली। योगी ने पहली बार गोरखनाथ मंदिर के बाहर निकलकर छात्रों का नेतृत्व किया और पहली बार में ही एसएसपी को फोन कर चेतावनी दे डाली। छोटी उम्र में ही योगी नायक बन गए थे। वहीं गोरखपुर मंदिर के भंडारे में योगी ने ऐसा सबक सीखा, जिसे वह जीवन में कभी नहीं भूले। अब आगे पढ़ें...
विज्ञापन

2 of 5
योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला।
हिंदू युवा वाहिनी अपने गठन के दो महीने बाद ही मोहन मुंडेरा कांड को लेकर चर्चा में थी। 15 जून 2002 को कुशीनगर जिले के राजभर समुदाय की एक लड़की की रेप के बाद सुलेमान नाम के शख्स ने हत्या कर दी थी। भाई ने न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया, जब उसे न्याय नहीं मिला तो वह योगी के दरबार में पहुंचा। योगी ने 19 जून 2002 को उस गांव में जाने का एलान कर दिया, यह सुनकर उस गांव के सभी मुसलमान अपना घर बंदकर भाग गए।
विज्ञापन

3 of 5
योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला।
योगी के आने के दिन सुबह गांव में उनको सुनने के लिए भारी भीड़ जुट चुकी थी। वह वादे के मुताबिक वहां पहुंचे और दलितों पर अत्याचार और प्रशासन की घोर तुष्टीकरण के खिलाफ भाषण दिया। उनके जाते ही मुसलमानों के 42 घर जला दिए गए। इस पहल ने तेजतर्रार हिंदुत्ववादी नेता के तौर पर उनकी छवि को मजबूत किया। एक राजनीतिक दल होने के नाते भाजपा कभी-कभार हिंदुत्व के एजेंडे पर समझौता कर लेते थी लेकिन रामजन्मभूमि जैसे मुद्दों पर योगी की सोच स्पष्ट थी। योगी अपने समर्थकों से अक्सर कहते भी थे कि उनका और भाजपा का एजेंडा हमेशा एक सा नहीं हो सकता और कभी समय आया तो वह निर्णय लेने में एक मिनट भी नहीं लगाएंगे।

4 of 5
अटल बिहारी वाजपेयी (फाइल)
तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी महराजगंज में चुनाव के समय आसपास के निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशियों के पक्ष में रैली करने आए। वह गोरखपुर में उतरे लेकिन मंदिर नहीं गए।  उसी रैली में योगी बोलने आए तो भीड़ का उत्साह देखने लायक था। चतुर राजनीतिज्ञ वाजपेयी ने भीड़ का मूड तुरंत पढ़ लिया। अपना भाषण शुरू करने से पहले वाजपेयी ने योगी का हाथ पकड़कर हवा में लहराया और भीड़ से अपील की एक बार मेरे साथ बोलिए 'पूर्वांचल में रहना है तो योगी-योगी कहना है' इसके बाद जब चुनाव के नतीजे आए तो योगी की जीत का अंतर 1.42 लाख हो गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला।
भाजपा को केंद्र में हार का बड़ा झटका लगा और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने कांग्रेस समर्थित गठबंधन सरकार का दो कार्यकाल के लिए रास्ता साफ कर दिया। यूपी में भाजपा पहले से ही सत्ता से बाहर थी और सत्ता का सूखा 15 साल तक बना रहा। यह कहने की जरूरत नहीं है कि योगी के लिए लड़ाई और कठिन हो चली थी। उन्हें अलग-अलग मोर्चों- दिल्ली और लखनऊ में विरोधी पार्टियों से लड़ना था।

साभार- यह कहानी योगी आदित्यनाथ की जीवन यात्रा पर लिखी किताब योद्धा योगी से लिया गया है, इसे प्रवीण कुमार ने लिखा है।

इसे भी पढ़ें...

कॉलेज में ऐसे दिखते थे मुख्यमंत्री योगी, हिंदुत्व के लगाव में घर छोड़ा, मां ने सोचा-नौकरी करने गए
गोरखपुर में योगी को भगवा वेष में देख चौंक गए थे पिता, बोले- ये क्या हाल बनाया है, घर चलो
उत्तराखंड में घर पहुंचे योगी को देख भावुक हुए थे मां-बाप, कहा- यहां रहने नहीं, भिक्षा लेने आया हूं
जब योगी आदित्यनाथ ने पहली बार दिखाया था दबंग अंदाज, एसएसपी भी सोच रहे होंगे-ये हैं कौन?
वाहन चलाया तो बुरी तरह घायल हो गए थे मुख्यमंत्री योगी, भंडारे में सीखे सबक को कभी नहीं भूले
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें