गोरखनाथ खिचड़ी मेला।
- फोटो : शिव हर्ष द्विवेदी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति किसानों के उमंग और उत्साह का भी पर्व है। इस अवसर पर खिचड़ी दान करना या चढ़ाना इस बात को प्रदर्शित करता है कि किसान जब मेहनत से अन्न उत्पन्न करता है तो उपने इष्ट को दान करता है। खिचड़ी सूपाच्य भोज भी है, शीतलहरी में जब पाचन क्रिया प्रभावित होती है तो कोई भी इसे औषधि के रुप में ले सकता है।