माता-पिता की मृत्यु के बाद जिस पुश्तैनी संपत्ति को अपने नाम दर्ज कराने के लिए लोग महीनों लेखपाल से लेकर तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर लगाते थे, अब वह हाथों-हाथ घर बैठे हो रही है। यह संभव हुआ है मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुए विशेष अभियान की वजह से। गोरखपुर जिले में छह दिन के भीतर 14500 वरासत दर्ज हो चुकी हैं। सदर तहसील क्षेत्र के 46 गांवों में 116 वरासत दर्ज की गई है।
विज्ञापन
2 of 10
वरासत अभियान।
- फोटो : अमर उजाला।
दरअसल, समय से वरासत नहीं दर्ज हो पाने की वजह से वारिस तो परेशान हो ही रहे थे, जमीन से जुड़े विवाद भी बढ़ रहे थे। इसे महसूस करते हुए मुख्यमंत्री ने 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक गांव-गांव विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इस अभियान में लेखपाल और राजस्व निरीक्षक गांव-गांव जाकर खतौनी पढ़ेंगे। इस दौरान जितने भी लोगों की मृत्यु होने की जानकारी मिलेगी, उनके वारिसों से खुद संपर्क कर उनके जरूरी प्रपत्र लेंगे और वरासत ऑनलाइन दर्ज करेंगे। यदि कोई गांव से बाहर है तो उससे भी फोन पर संपर्क करेंगे। आवेदक चाहे तो अपने भी घर बैठे या नजदीक के किसी भी जनसेवा केंद्र से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। अभियान के दौरान जितने भी अविवादित मामले हैं, उनमें वरासत दर्ज की जाएगी। अगर लेखपाल नहीं मिल रहा है या कोई इस काम के लिए घूस मांग रहा है तो उसकी शिकायत तहसीलदार, एसडीएम और डीएम से लेकर सीएम तक से की जा सकेगी।
विज्ञापन
3 of 10
वरासत अभियान।
- फोटो : अमर उजाला।
सभी तहसीलों में जारी किया गया है रोस्टर
लोगों को दिक्कत न हो और लेखपालों की जिम्मेदारी तय की जा सके, इसलिए डीएम के. विजयेंद्र पांडियन के निर्देश पर सभी तहसीलों में लेखपालों की रोस्टरवार ड्यूटी लगाई गई है। यानी किस गांव में किस दिन कौन लेखपाल जाकर वरासत का काम करेगा उसका निर्धारण कर दिया गया है।
4 of 10
वरासत अभियान।
- फोटो : अमर उजाला।
एसडीएम, तहसीलदार करेंगे निगरानी
डीएम ने सभी एसडीएम और तहसीलदार को निर्देश दिया है कि वे अपनी-अपनी तहसीलों में रोस्टर के मुताबिक औचक निरीक्षण कर यह जांचेंगे कि संबंधित लेखपाल-राजस्व निरीक्षक गांव में गए हैं या नहीं। साथ ही गांवों में जाकर क्रास चेक भी करेंगे कि कोई ऐसा आवेदक तो नहीं छूट गया, जिसकी वरासत के मामले में कोई विवाद नहीं है, लेकिन लेखपाल ने उसकी वरासत नहीं दर्ज की। मंगलवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल और सदर तहसीलदार डॉ संजीव दीक्षित ने पिपराइच क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में जाकर यह जांच की।
विज्ञापन
5 of 10
वरासत अभियान।
- फोटो : अमर उजाला।
अभियान के बाद भी मामला बचा तो तय होगी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ चेताया है कि यदि अभियान खत्म होने के बाद भी कहीं वरासत के अविवादित मामले बचे रह गए तो संबंधित लेखपाल से लेकर निगरानी करने वाले तहसीलदार, एसडीएम, एडीएम और डीएम तक की जिम्मेदारी तय कर उनपर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
6 of 10
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
एक नजर
-आवेदक यहां कर सकते हैं खुद ऑनलाइन आवेदन- http://vaad.up.nic.in/index2.html
- दिक्कत हो तो यहां फोन घुमाएं
हेल्पलाइन नंबर- 0522-2620477
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर- 1076
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन- 0551-2336005
(इनके अलावा संबंधित तहसील के एसडीएम और तहसीलदार को भी फोन कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।)
विज्ञापन
7 of 10
प्रतिकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
वरासत के लिए ये अभिलेख जरूरी
परिवार रजिस्टर की नकल
मृत्यु प्रमाण पत्र
आधार कार्ड
8 of 10
वरासत अभियान।
- फोटो : अमर उजाला।
विशेष वरासत अभियान में
15 दिसंबर से 30 दिसंबर 2020 तक- राजस्व/तहसील अधिकारियों द्वारा राजस्व ग्रामों में खतौनियों को पढ़ने की प्रक्रिया तथा लेखपाल द्वारा ग्रामवार कार्यक्रम बनाकर सर्वे किया जाएगा। वरासत के लिए प्रार्थनापत्र प्राप्त कर उन्हें ऑनलाइन भरने की कार्रवाई होगी।
31 दिसंबर से 15 जनवरी 2021 तक- लेखपालों द्वारा ऑनलाइन जांच प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
16 जनवरी से 31 जनवरी 2021 तक- राजस्व निरीक्षक द्वारा जांच एवं आदेश पारित करने की प्रक्रिया होगी।
01 फरवरी से 07 फरवरी 2021 तक- यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्विवाद उत्तराधिकार का कोई भी प्रकरण दर्ज होने से बचा तो नहीं रहा
08 फरवरी से 15 फरवरी 2021 तक- डीएम, एडीएम, एसडीएम व अन्य जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा निर्विवाद उत्तराधिकार के समस्त लंबित प्रकरणों को पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाएगा।
9 of 10
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन।
- फोटो : अमर उजाला
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि शासन के निर्देश पर वरासत दर्ज कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 15 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान में गांव-गांव जाकर लेखपाल खतौनी पढ़ेंगे और आवेदन लेंगे। इसके लिए रोस्टर जारी किया गया है। तय तिथि पर अगर कोई लेखपाल गांव में नहीं पहुंचता है या फिर कोई रुपये आदि की मांग करता है तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित तहसीलदार, एसडीएम या मुझे दी जा सकती है कार्रवाई की जाएगी।
वरासत अभियान का निरीक्षण करते तहसीलदार सदर डॉ. संजीव दीक्षित।
- फोटो : अमर उजाला।
तहसीलदार सदर डॉ. संजीव दीक्षित ने बताया कि सदर तहसील में करीब 650 गांव आते हैं। गांववार रोस्टर तैयार किया गया है। लेखपाल गांवों में जा रहे हैं और खतौनी पढ़कर मृतकों की जानकारी जुटाने के साथ ही वरासत की प्रक्रिया कर रहे हैं। एसडीएम सदर और मैं खुद गांवों में जाकर क्रास चेक कर रहे हैं कि रोस्टर का पालन हो रहा है या नहीं। ग्रामीणों से यह भी फीडबैक लिया जा रहा है कि उन्हें कोई दिक्कत तो नहीं हो रही। इसके बाद भी यदि किसी को दिक्कत हो तो वह मेरे मोबाइल नंबर 9454416222 पर संपर्क कर सकता है।