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Gorakhpur Rain News: 110 MM बारिश, शहर की सड़कें बनीं तालाब, तेज बारिश में डूबा शहर-स्कूल बंद

Sun, 19 Jul 2026 01:29 PM IST
Rohit Singh अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

तेज बारिश का असर स्कूलों पर भी दिखाई दिया। जलभराव और खराब मौसम को देखते हुए शहर के कई निजी विद्यालयों ने एहतियातन अवकाश घोषित कर दिया, जिससे छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली। जिन स्कूलों ने समय रहते छुट्टी की सूचना नहीं दी, वहां पहुंचे बच्चों और उनके अभिभावकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
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जिला अस्पताल में लगा पानी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शनिवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने महानगर में जलनिकासी व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी। कुछ घंटों की बारिश के बाद ही शहर की प्रमुख सड़कें, बाजार, अंडरपास, सरकारी दफ्तर और रिहायशी इलाके पानी से भर गए। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति जिला अस्पताल में रही, जहां ओपीडी के कमरों तक बारिश का पानी पहुंच गया।

विडंबना यह रही कि नगर निगम परिसर और उसके मुख्य प्रवेश द्वार पर भी जलभराव हो गया, जिससे प्री-मानसून तैयारियों और नालों की तल्लीझार सफाई के दावों पर सवाल उठने लगे। बारिश के साथ कई इलाकों में नालियों का गंदा पानी घरों तक पहुंच गया।
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जलभराव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रुस्तमपुर के पुराने मोहल्ले स्थित दुर्गा मंदिर गली में करीब एक फुट पानी भर गया। वहीं विवेकानंदपुरी, दाऊदपुर, लोकनायक गली और चंद्रशेखर आजाद चौक वार्ड के बुद्ध विहार में भी लोगों के घर जलमग्न हो गए।

सूरजकुंड रोड, रेती रोड, इलाहीबाग रोड, विरासत गलियारा, जुबिली रोड, बाबीना होटल रोड, विजय चौक, गोरखनाथ फ्लाईओवर, धर्मशाला अंडरपास, जिला अस्पताल रोड, सिविल लाइंस स्कूल रोड, दक्षिणी हुमायूंपुर और गोलघर पार्क रोड पर घंटों तक पानी जमा रहा। कई स्थानों पर सड़क और नाली का अंतर मिट गया। पानी में वाहन बंद हो गए और लोगों को घुटनों तक पानी में चलकर आवागमन करना पड़ा।
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जलभराव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तेज बारिश में सड़कें बनीं तालाब
जिस नगर निगम पर शहर को जलभराव से बचाने की जिम्मेदारी है, उसी के कार्यालय परिसर और मुख्य गेट पर पानी भर गया। गोपालापुर में जिस नाले की शुक्रवार को सफाई कराई गई थी, वहां शनिवार को जलभराव की स्थिति बन गई।

इससे नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। शहर के अधिकांश बड़े नाले और नालियां ओवरफ्लो हो गए, जिसके चलते कई इलाकों में गंदा पानी घरों और दुकानों तक पहुंच गया।

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धर्मशाला बाजार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
स्कूलों में छुट्टी, कुछ के छात्र हुए हलकान
तेज बारिश का असर स्कूलों पर भी दिखाई दिया। जलभराव और खराब मौसम को देखते हुए शहर के कई निजी विद्यालयों ने एहतियातन अवकाश घोषित कर दिया, जिससे छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली।

जिन स्कूलों ने समय रहते छुट्टी की सूचना नहीं दी, वहां पहुंचे बच्चों और उनके अभिभावकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।स्कूल बसों को वैकल्पिक मार्गों से निकालना पड़ा, अभिभावकों को भी बच्चों को स्कूल से लाने में मशक्कत करनी पड़ी।
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गोलघर में जलभराव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नाले की जाली बनी जलभराव की वजह, मेयर ने किया निरीक्षण
पैड़लेगंज नाले पर लगाई गई जाली को लेकर हुए विरोध के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) को अपना फैसला बदलना पड़ा। जाली हटाए जाने के तुरंत बाद कई वार्डों में जमा बारिश का पानी तेजी से निकलने लगा और लोगों को राहत मिली। यह जाली रामगढ़ ताल में प्लास्टिक और अन्य कचरा जाने से रोकने के उद्देश्य से लगाई गई थी।
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जलभराव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिछले 24 घंटे में हुई करीब 110 मिमी बारिश में यही व्यवस्था जलनिकासी की बाधा बन गई।इस दौरान इन क्षेत्रों में मेयर ने निरीक्षण भी किया साथ में जीडीए वीसी अभिनव गोपाल भी मौजूद रहे। बेतियाहाता दक्षिणी के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी और बिलंदपुर के मनोनीत पार्षद रितेश बबलू मौके पर पहुंचे और मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त अजय जैन तथा अपर नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया।
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दाउदपुर में जलभराव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि जलनिकासी व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया तो जीडीए का घेराव किया जाएगा। उनका कहना था कि जाली के आगे नाले का स्तर लगभग चार फीट नीचे होने से पानी का प्रवाह बाधित हो रहा था। विरोध के बाद जीडीए के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल और नगर निगम अधिकारियों ने जाली हटाने का निर्णय लिया।
 
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