प्रतीकात्मक तस्वीर
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यह हैं लक्षण
बुखार के साथ गले में लगातार खराश, सांस फूलना, त्वचा पर लाल चकत्ते, छाती में दर्द, हाथों पैरों में झनझनाहट, दर्द और कंधे में झटका लगना, दिल की धड़कन तेज होना, बुखार के साथ लंबे समय तक जुकाम बना रहना आदि इस बीमारी के लक्षण हैं।
गर्मियों में बढ़ जाते हैं मरीज
डॉ. अनीता मेहता ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। गर्मियों में ऐसे मरीजों का इजाफा हो जाता है। साफ-सफाई न होने की वजह से बच्चे बैक्टीरिया स्ट्रेप्टोकोकस चपेट में आ जाते हैं। इसकी वजह से बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। ऐसे में अगर बच्चे बीमार होते हैं तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। साथ ही अगर दवा चल रही है तो जब तक डॉक्टर न कहें तब तक दवा बंद बिल्कुन न करें।