उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर आते ही पहले की तरह एक सामान्य नागरिक की जगह जीवन व्यतीत करने लगते हैं। गोरखपुर मंदिर में उनके साथ रहने वाले इस बात को भली भांति जानते हैं। मंदिर के पास धन वैभव की कोई कमी नही है, पर जो कुछ भी है वह आम लोगों के लिए समर्पित है। योगी भी आम लोगों की तरह जीवन यापन करते हैं।
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बच्ची से दुलार करते जनता दरबार में सीएम योगी।
- फोटो : अमर उजाला
गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ ने योग दीक्षा लेने के बाद अपना संपूर्ण जीवन लोक कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। गोरखनाथ मंदिर का साम्राज्य बहुत दूर तक फैला है। मंदिर के भंडारे में जो साधू संतों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और भक्तों के लिए जो भोजन बनता है वह ही वह भी ग्रहण करते हैं। भोर में चार बजे उठकर देर रात तक जनता के कार्य में जुटे रहते हैं।
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cm yogi adityanath
- फोटो : cm yogi adityanath varanasi
योगी आदित्यनाथ अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के निधन के बाद गोरक्ष पीठ के पीठाधीश्वर हो गए। अब वे प्रदेश के मुख्यमंत्री भी हो गए हैं, पर उनकी दिनचर्या यथावत हैं। शहर के व्यवसायी एवं योगी के करीबी अरुणेश शाही बताते हैं कि योगी वह भोजन करते हैं जो मंदिर के भंडारे में बनता है। उस भंडारे से बना भोजन हर कोई करता है।
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yogi adityanath
- फोटो : अमर उजाला
योगी सुबह उठकर 4 बजे तक पूजा पर बैठ जाते हैं। यहां आने पर आवास से नीचे उतरते हैं तो मंदिर का भ्रमण करते हैं। मंदिर की साफ-सफाई को ठीक से देखते हैं, जिस स्वच्छता अभियान की शुरुआत मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद की थी उसका पालन मंदिर में लंबे समय से हो रहा है। जब सांसद थे तब उनका जनता दरबार सुबह 9 बजे लग जाता था। अब मुख्यमंत्री हो गए हैं तो जब भी यहां आते हैं उनका जनता दरबार पहले की तरह ही लगता है। हर किसी की फरियाद सुनी जाती है।
'सादा जीवन उच्च विचार' पर ही योगी जी की दिनचर्या टिकी है। ईमानदारी ही उनकी पूंजी है। वे भ्रष्ट व्यक्ति को पसंद नहीं करते फिर चाहे वह कितना ही सगा क्यों न हो। तेज-तर्रार से दिखने वाले योगी स्वभाव से बेहद विनम्र और संवेदनशील भी हैं। योगी जी को बच्चों से बहुत प्रेम है। वे कहीं भी जाएं और उन्हें कोई बच्चा मिल जाए तो बिना पुचकारे वह नहीं रह पाते। ये भी पता चला कि अगर योगी जी कहीं बच्चों के लिए ही खास किसी गांव में गए तो टॉफी जरूर लेकर जाते हैं। गोरखनाथ मंदिर में भी टॉफियां रखी रहती हैं।