नागरिकता संशोधन कानून पर गोरखपुर में घर-घर संपर्क अभियान में हिस्सा लेने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1950 में नेहरू- लियाकत वार्ता में दोनों देशों के अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान करने की बात कही गई। महात्मा गांधी ने पूर्वी और पश्चिमी पाकिस्तान के सभी अल्पसंख्यकों को भारत में आने की बात कही थी। भारत में 6 प्रतिशत मुस्लिम आबादी बढ़ी लेकिन पाकिस्तान में गैर मुस्लिमों की आबादी घटकर एक प्रतिशत पर आ गई।
जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पूरा भारत मिलकर नवभारत निर्माण में लगा हो उसी समय कांग्रेस द्वारा देश बांटने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। इतिहास सिर्फ पढ़ने की नही बल्कि सीखने का विषय होता है। 2003 में मनमोहन सिंह ने सीएए की मांग की थी। कांग्रेस के लोग अपने ही नेता की बात को नहीं मान रहे हैं।
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ननकाना साहिब के पवित्र गुरुद्वारा पर हमला निंदनीय
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गोरखपुर विश्वविद्यालय के संवाद भवन में गोष्ठी को संबोधित करते सीएम।
- फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान में ननकाना साहिब के पवित्र गुरुद्वारा पर हमला हुआ। भारत में कोई धर्म स्थल ऐसा नहीं है जिसकी उपासना विधि में कोई बाधा हो। यह निंदनीय है। कांग्रेस नेता पाकिस्तान जाकर गले मिलते हैं। अब पवित्र गुरुद्वारा पर हमला हुआ तो सामने नहीं आ रहे हैं। कांग्रेस की नेत्री, नेता भी मौन हैं। नागरिकता संशोधन कानून पर बवाल विपक्ष की साजिश का हिस्सा है।
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‘नागरिकता कानून कांग्रेस के पापों की सफाई है’
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संवाद भवन में गोष्ठी को संबोधित करते सीएम।
- फोटो : अमर उजाला
बेतियाहाता में मीडिया कर्मियों से बात करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नागरिकता कानून कांग्रेस के पापों का परिमार्जन (सफाई) है। इन कानून के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व मानवता के प्रति पीड़ित और प्रताड़ित लोगों को शरण देने की परंपरा को आगे बढ़ाने का काम किया है लेकिन दुर्भाग्य से कांग्रेस और उसके अन्य सहयोगी दलों ने देश में नागरिकता कानून के संबंध में गलतफहमी और अफवाह फैलाकर देश में हिंसा फैलाने का कुत्सित प्रयास किया। इस वजह से जरूरी हो गया था कि नागरिकता कानून पर जनजागरण अभियान शुरू किया जाए।
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राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के प्रपौत्र डॉ. अशोक जाह्नवी प्रसाद के निवास पर पहुंचे सीएम योगी।
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री इसी जनजागरण कार्यक्रम के अंतर्गत देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के प्रपौत्र डॉ. अशोक जाह्नवी प्रसाद के बेतियाहाता स्थित उनके निवास पर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून विश्व के कुछ देशों के पीड़ित और प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को देश की नागरिकता देने का है। यह किसी की नागरिकता लेने वाला नहीं है, लेकिन कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों ने पूरे देश में इस कानून के बारे में भ्रम फैलाने के साथ हिंसा को अंजाम दिया। इस वजह से इस कानून को लेकर जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। इसके जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का आभार भी जताया जा रहा है। इस दौरान हर्ष प्रसाद, सुनंदा प्रसाद, उषा प्रसाद, डॉ. आरपी त्रिपाठी, निकेत नारायण, अनीता सिंघानिया आदि मौजूद रहे।
पीड़ित और प्रताड़ित लोगों के प्रति कांग्रेस और समाजवादी पार्टी असंवेनशील
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संगोष्ठी मे मंचासीन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पीड़ित और प्रताड़ित लोगों के प्रति कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की संवेदनहीनता का ही दुष्परिणाम है कि उन लोगों के द्वारा नागरिकता देने के कानून को नागरिकता लेने के कानून के नाम पर दुष्प्रचार किया गया। उसके नाम पर इन लोगों ने देश के विभिन्न हिस्सों में हिंसा फैलाई। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री भी स्पष्ट कर चुके हैं कि यह नागरिकता देने का कानून है नागरिकता लेने का नहीं।