खगोलविज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए बुधवार यानी आज का दिन यादगार होने वाला है। जब उन्हें शाम को उपच्छाया चंद्रगहण के बीच चंद्रमा को लाल रंग की रोशनी बिखेरते हुए नजर आएगा। गोरखपुर में उपच्छाया चंद्रग्रहण की शुरुआत दोपहर 2:17 मिनट से शुरू होकर 7:19 मिनट तक रहेगी। इसी दौरान सुपर ब्लड मून की घटना को शाम 6:49 मिनट पर 35 मिनट तक इसे देखा जा सकेगा। हालांकि, भारत से सुपर मून आंशिक रूप से नजर आएगा।
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के खगोलविद अमरपाल सिंह ने बताया कि अमेरिका, आस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों से पूर्ण चंद्रग्रहण देखा जा सकेगा। भारत में उपच्छाया चंद्रग्रहण नजर आएगा। जहां धरती की उपछाया हल्की की चंद्रमा पर पड़ती है। पिछला सुपर ब्लड मून और चंद्रग्रहण की घटना 21 जनवरी 2019 को घटित हुई थी। अगली बार इसे 16 मई 2022 को देखा जा सकेगा।
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चंद्रग्रहण।
- फोटो : अमर उजाला।
खगोलविद ने बताया कि चंद्रग्रहण के दौरान पृथ्वी की छाया की वजह से धरती से चांद काला दिखाई देता है। चंद्रग्रहण के दौरान कुछ सेकेंड के लिए चांद पूरी तरह लाल भी दिखाई देगा। यह स्थिति तब आती है, जब सूर्य की रोशनी छितराकर चांद तक पहुंचती है।
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चंद्रग्रहण।
- फोटो : अमर उजाला।
परावर्तन के नियम के अनुसार हमें कोई भी वस्तु उस रंग की दिखती है, जिससे प्रकाश की किरणें टकरा कर हमारी आंखों तक पहुंचती है। चूंकि सबसे लंबी तरंग दैर्ध्य (वेवलेंथ) लाल रंग की होती है और सूर्य से सबसे पहले वो ही चांद तक पहुंचती है, जिससे चंद्रमा लाल दिखता है। इसे ही ब्लड मून कहते हैं।
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चंद्रग्रहण।
- फोटो : अमर उजाला।
इस दौरान चंद्रमा तकरीबन 30 फीसदी अधिक चमकीला नजर आता है और अपने सामान्य आकार से लगभग 14 प्रतिशत बड़ा दिखाई देता है। परंतु वास्तव में चंद्रमा का आकार बड़ा नहीं होता है, बल्कि पृथ्वी से इसकी निकटता के कारण ऐसा प्रतीत होता है, क्योंकि इस घटना में चंद्रमा और पृथ्वी की दूरी सबसे कम हो जाती है।
ग्रहण में गर्भवती महिलाएं रखें विशेष ध्यान
पंडित बृजेश पांडेय अनुसार, गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान चाकू और कैंची का प्रयोग नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण की घटना को देखने से भी बचना चाहिए। हो सके तो ग्रहण के दौरान घर से बाहर न निकलें। अगर आप ग्रहण देखती हैं तो गर्भ में पल रहे बच्चे को शारीरिक या मानसिक परेशानियां हो सकती हैं।