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Gorakhpur News: सुबह दो मीटर पर नहीं दिखी सूरत, दोपहर में नजर आया सूरज

Thu, 22 Dec 2022 10:37 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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गोरखपुर में कोहरा। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में बुधवार को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया । सुबह जब लोगों की आंखें खुलीं तो पूरा शहर कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। सर्दी के मौसम के दस्तक देने के बाद यह पहला मौका था, जब दिन भर गलन की वजह से लोगों को ज्यादा ठंड महसूस हुई।

सुबह कोहरा इतना घना था कि पास की वस्तुएं भी नजर नहीं आ रही थीं।  सड़कों पर लोग लाइट जलाकर चलने को मजबूर नजर आए। दोपहर 12 बजे के करीब कोहरा छटने के बाद सूरज नजर आया। दृश्यता कम होने की वजह से सड़क पर चलने वाले वाहनों से लेकर ट्रेन और फ्लाइट सभी का संचालन प्रभावित हुआ।

 
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गोरखपुर में कोहरा। - फोटो : अमर उजाला।
सुबह के वक्त तो दृश्यता शून्य के आसपास मापी गई। दिन चढ़ने के साथ कोहरा छंटा। दरअसल दिसंबर का महीना आधा बीतने के बावजूद भी दिन के तापमान में कोई खास बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई थी। दिन का तापमान अपने सामान्य औसत तापमान के आसपास ही रह रहा था।

लेकिन, बुधवार दोपहर तक कोहरा छाए रहने की वजह से ना सिर्फ दिन के तापमान में गिरावट आई बल्कि पूरे दिन गलन महसूस होती रही। अधिकतम तापमान सामान्य तापमान से करीब 3 डिग्री कम 20.6 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 11 डिग्री के आसपास रहा।

 
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गोरखपुर में कोहरा। - फोटो : अमर उजाला।
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय के अनुसार रविवार से ही न सिर्फ निचले वायुमंडल में बल्कि ऊपरी वायुमंडल में भी तेज पुरवा हवा चल रही है। इसकी वजह से सुबह के वक्त घना कोहरा छा जा रहा है। बुधवार की भी शुरूआत घने कोहरे के साथ हुई है।

उन्होंने बताया कि अगले कुछ दिनों तक जहां निचले वायुमंडल में पुरवा हवा तो ऊपरी वायुमंडल में पछुआ हवा चलेगी। इसकी वजह से आने वाले दो-तीन दिनों तक कोहरा छाए रहने की संभावना है। दिन का तापमान 21-22 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।

 

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गोरखपुर में कोहरा। - फोटो : अमर उजाला।
अलाव तापते नजर आए लोग
दोपहर तक कोहरा छाए रहने की वजह से सूरज के दर्शन नहीं हुए। ठंड से राहत के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया। सुबह 11 बजे तक रोज की तुलना में सड़कों पर ट्रैफिक लोड भी कम दिखाई पड़ा।

कोहरा बढ़ते ही धीमी हो गई ट्रेनों की रफ्तार
गोरखपुर में कोहरे का प्रभाव बढ़ते ही ट्रेनों की रफ्तार धीमी हो गई है। खासकर, दिल्ली से आने वाली ट्रेनों पर कोहरे का प्रभाव ज्यादा पड़ा। बुधवार को दिल्ली से आने वाली प्रमुख ट्रेनें तीन से सात घंटे तक देर से गोरखपुर पहुंचीं। भटिंडा से गोरखपुर आने वाली गोरखधाम एक्सप्रेस पौने पांच घंटे की देरी से दोपहर 2.30 बजे पहुंची।

दिल्ली से चली वैशाली एक्सप्रेस पौने तीन घंटे, आनंद विहार से मुजफ्फरपुर जाने वाली सप्तक्रांति एक्सप्रेस पांच घंटे तथा चंपारण हमसफर एक्सप्रेस सात घंटे की देर से आई। इन ट्रेनों का इंतजार करने वाले यात्रियों और यात्रियों को रिसीव करने गए घरवालों को ठंड में घंटों इंतजार करना पड़ा।

 
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गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
देर से आईं प्रमुख ट्रेनें
ट्रेन                       विलंब (घंटे में)
चंपारण हमसफर         7:3
गोरखधाम एक्सप्रेस      4:50
वैशाली एक्सप्रेस          2:45
सप्तक्रांति एक्सप्रेस      5:10
आम्रपाली एक्सप्रेस       2:50
बरौनी क्लोन स्पेशल    3:15
काशी एक्सप्रेस           1:30
गोदान एक्सप्रेस          1:30

रात में चलीं रोडवेज की बसें
परिवहन निगम मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद मंगलवार की रात आठ बजे से ही बस का संचालन रोक दिया गया था, लेकिन बुधवार को रात में सभी बसें रवाना हुई।

 
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गोरखपुर में कोहरा। - फोटो : अमर उजाला।
दरअसल, परिवहन निगम मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद मंगलवार की रात स्थानीय रोडवेज प्रशासन ने बसों का संचालन पूरी तरह से बंद करा दिया था। ऐसे में यात्रियों को थोड़ी दिक्कत हुई, लेकिन उनके रैन बसेरे में उनके रुकने और चाय-पानी की व्यवस्था बस स्टेशन की गई थी। बुधवार को सभी बसों को चलाया गया। गोरखपुर डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधन महेश चंद्र ने बताया कि घना कोहरा पड़ने पर रास्ते में ही बसों को रोकने का निर्देश दिया गया है।  बुधवार को व्यवस्था पूरी तरह से ठीक रही।

सर्दी, जुकाम और निमोनिया के मरीज बढ़े
ठंड के बढ़ते ही जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। ओपीडी में जहां सर्दी, जुकाम, खांसी और सांस फूलने के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। वहीं, बच्चों के ओपीडी में तेजी से मरीज बढ़े हैं।

जिला अस्पताल में जहां पहले 50 से 60 मरीज देखते थे, बुधवार को मरीजों की संख्या 200 से ज्यादा हो गई। यही हाल बीआरडी मेडिकल कॉलेज का भी रहा है। ओपीडी में 250 से ज्यादा मरीजों की जांच हुई। सौ बेड के बच्चों का वार्ड फुल हो गया है। बच्चों में ज्यादातर निमोनिया के मरीज आ रहे हैं।
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