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महावत की जान लेने वाले भाजपा विधायक के हाथी पर चौंकाने वाला खुलासा, पहले भी हुए हैं हादसे

Tue, 14 Jan 2020 05:58 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, ब्रह्मपुर (गोरखपुर)।
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हाथी को देखते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
विधायक विपिन सिंह के हाथी ने बीते दिन महावत को पटक पटककर मार डाला था। हाथी के बारे में वन विभाग की टीम ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। हाथी का कोई रिकार्ड भी नहीं है और न ही उसके मालिक के संबंध में विभाग के पास कोई सूचना है। ऐसे में इस हाथी को अवैध माना जा रहा है।

वहीं विभाग ने इस संबंध में जांच शुरू कर दी है कि हाथी कहां से लाया गया। कौन इसे लेकर आया और कितने दिन से रखा हुआ था। हाथी इतने गुस्से में था कि वह मृत महावत के पास से हटने को तैयार ही नहीं था। घटना स्थल पर बांधे गए हाथी की निगरानी को वन विभाग की टीम तैनात कर दी गई है। वन विभाग के डॉक्टर जल्द ही हाथी की जांच कर वजह का पता लगाएंगे कि आखिर क्यों हाथी बिदका हुआ था।
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गांव में घूमती हाथी। - फोटो : अमर उजाला
विधायक के हाथी की देखरेख शब्बीर व उसका चचेरा भाई असीम ही करते रहे हैं। दोनों हाथी को लेकर देवरिया के लालपुर भटवलिया स्थित काठा देवी स्थान पर एक यज्ञ में गए थे। वहां से रविवार की देर शाम रुद्रपुर होते हुए लौटे तो सिंहपुर गांव में रात हो गई। दोनों हाथी को लेकर गांव में रुक गए। सुबह कोे गांव में घूमते हुए लौट रहे थे। सिंहपुर सहसराव स्कूल के पास एक पीपल के पेड़ के नीचे रुके। असीम लघुशंका के लिए उतर गया और फिर शब्बीर हाथी के लिए चारे की व्यवस्था में जुट गया। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शब्बीर हाथी के ऊपर चढ़कर पेड़ पर गया था, संभवत: इसी से हाथी बिदका था। शब्बीर जैसे ही पेड़ से उतरा, वैसे ही हाथी ने उसे सूंड़ में दबोच लिया और पटक दिया। इसकी सूचना आसपास के लोगों को मिली। सब भागकर पहुंचे लेकिन कोई हाथी के पास जाने की हिम्मत नहीं कर सका।
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जिले में और हैं नौ अवैध हाथी

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घट्नास्थल पर ग्रामीणों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
जिले में नौ और हाथी अवैध ढंग से पाले जा रहे हैं। डीएफओ ने बताया कि वन विभाग की ओर से इन सबके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। यह 10वां हाथी है जिसे अवैध ढंग से पाला जा रहा है।

पहले भी हो चुका है हादसा
6 अक्तूबर 2012 : बेलघाट के डरूवा गांव में हाथी ने कई लोगों को घायल कर दिया था। तीन घंटे की मशक्कत के बाद उसे काबू में किया जा सका था।
1 जनवरी 2019 : पूर्व मंत्री जितेंद्र जायसवाल के पादरीबाजार स्थित फार्म हाउस में हाथी ने महावत को पटककर मार डाला था।
2 दिसंबर 2019 : बेलीपार इलाके में हाथी के बिदकने से एक बच्चे की मौत हो गई थी।

नहीं हो सकी विधायक से बात

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- फोटो : अमर उजाला
झंगहा क्षेत्र की घटना के सिलसिले में भाजपा विधायक विपिन सिंह से मोबाइल फोन पर संपर्क साधने की कोशिश की गई लेकिन उनका मोबाइल फोन डायवर्ट मिला। विधायक के निजी जनसंपर्क अधिकारी से भी बात करने का प्रयास हुआ लेकिन सफलता नहीं मिली। विधायक का जब भी पक्ष आएगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।

अब यह सरकारी संपत्ति, भेजेंगे किसी राष्ट्रीय उद्यान
जिला वन अधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत सीजेएम कोर्ट में हाथी के अधिग्रहण संबंधी केस दर्ज कराया जाएगा। चूंकि, इस हाथी का कोई भी वैध मालिक नहीं मिला है। ऐसे में इस एक्ट के अनुसार अब यह सरकारी संपत्ति है। ऐसे में गोरखपुर में कहीं रखने की व्यवस्था नहीं होने की वजह से इसे किसी राष्ट्रीय उद्यान में भेजा जाएगा। ऐसे में हाथी के अधिग्रहण के बाद मथुरा या दुधवा राष्ट्रीय उद्यान भेजने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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घटना के बाद पहुंचे विधायक व ग्रमीण। - फोटो : अमर उजाला
हादसे की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के दो वन दरोगा संतराम और राजदेव हाथी की निगरानी में तैनात किए गए हैं। हाथी का कोई रिकार्ड भी नहीं है और न ही उसके मालिक के संबंध में विभाग के पास कोई सूचना है। ऐसे में इस हाथी को अवैध माना जा रहा है। वहीं विभाग ने इस संबंध में जांच शुरू कर दी है कि हाथी कहां से लाया गया। कौन इसे लेकर आया और कितने दिन से रखा हुआ था। इसके बाद जो विधिक प्रक्रिया है, उसके अनुसार हाथी को सुपुर्दगी को लेकर जब्त करके आगे की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा पीसीसी वर्ल्ड लाइफ को भी जानकारी दे दी गई है। वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। चूंकि यह हाथी बिना किसी छेड़छाड़ और उकसावे के ऐसा किया है, यह गंभीर बात है। इसलिए ऐसा हादसा नहीं हो, जरूरी कदम उठाया जाएगा।
अविनाश कुमार, डीएफओ
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