फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इरफान खान के निधन पर इन कलाकारों में शोक, कहा- तुमको याद रखेंगे गुरु हम, आई लाइक आर्टिस्ट...

Thu, 30 Apr 2020 01:14 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
विज्ञापन
1 of 5
gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
तुमको याद रखेंगे गुरु हम, आई लाइक आर्टिस्ट...। 2003 में रिलीज हुई फिल्म ‘हासिल’ के खलनायक इरफान खान का यह डायलॉग बुधवार को सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा। उनकी मौत की खबर फैली तो शहर के रंगकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई। यह वह फिल्म थी, जिसने थियेटर आर्टिस्ट के तौर पर काम शुरू करने वाले इरफान को राष्ट्रीय पहचान दिलाई।

इस फिल्म के लिए उन्हें 2004 का सर्वश्रेष्ठ खलनायक का फिल्मफेयर अवार्ड दिलाया। इसके बाद उनके अभिनय का लोहा हॉलीवुड तक ने माना। इस कलाकार के चले जाने पर रंगमंच एवं फिल्म जगत से जुड़े स्थानीय कलाकारों ने उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धांजलि दी।
विज्ञापन

2 of 5
फिल्म कलाकार कृष्ण गोपाल। - फोटो : अमर उजाला।
फिल्म कलाकार कृष्ण गोपाल ने कहा- इरफान अभिनय की ऐसी किताब थे जिसके कुछ अध्याय ही पढ़े जा सके। बॉलीवुड में अभिनेता तो बहुत हैं लेकिन इरफान अपनी अलग जगह रखते थे। 2001 में इरफान से मुंबई में मुलाकात हुई थी। बिल्लु बारबर की शूटिंग के दौरान भी मिला था।

अभिनय की कई बारीकियां उन्होंने बताई थीं। उन्होंने रंगमंच से करियर की शुरुआत करने के बाद दूरदर्शन पर काम किया और फिर बॉलीवुड से हॉलीवुड तक का सफर तय किया। वे हमेशा नए कलाकारों के लिए प्रेरणा स्रोत रहेंगे।
विज्ञापन

3 of 5
भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री अनुप्रिया। - फोटो : अमर उजाला।
भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री अनुप्रिया ने कहा- इरफान शानदार अभिनेता थे। वे हर नए कलाकार के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे। मैंने भी उनकी फिल्में देखकर बहुत कुछ सीखा है। अभिनय में उनके आसपास कोई नहीं है। उनकी फिल्मों का चयन भी शानदार रहा। उनकी फिल्में समाज को आईना दिखाने वाली हैं। अपने अभिनय के दम पर ही उन्होंने रंगमंच से टीवी सीरियल और बॉलीवुड से हॉलीवुड तक का सफर तय किया।

4 of 5
वरिष्ठ रंगकर्मी रविंद्र रंगधर। - फोटो : अमर उजाला।
वरिष्ठ रंगकर्मी रविंद्र रंगधर ने कहा- इरफान कभी अपनी जमीन नहीं भूले। अभिनय इतना स्वाभाविक था कि शुरू में लोगों ने नकार दिया। बाद में अभिनय का लोहा माना। इरफान का यूं चले जाना यकीनन बहुत दुखदाई है। इरफान की जादुई आंखों का तिलिस्म अब केवल उनकी फिल्मों में ही देखने को मिलेगा। गोरखपुर थियेटर एसोसिएशन की ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
वरिष्ठ रंगकर्मी श्रीनारायण पांडेय। - फोटो : अमर उजाला।
वरिष्ठ रंगकर्मी श्रीनारायण पांडेय ने कहा- इरफान खान बड़े रंगकर्मी के साथ ही बड़े अभिनेता थे। कलाकार के साथ इंसान भी अच्छे थे। वह नेचुरल एक्टिंग के लिए जाने जाते थे। बॉलीवुड में हर कलाकार के वह प्रिय थे। इरफान खान का जाना फिल्म जगत एवं रंगमंच के लिए बहुत बड़ा आघात है। सशक्त अभिनय में सबसे बड़ा हथियार थीं उनकी आंखें। कुछ भी कहने से पहले आंखें बोल पड़ती थीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें